पूर्णिया में फॉरेंसिक लैब भवन बनकर तैयार, पुलिस जांच को मिलेगी गति

लैब के लिए 10.49 करोड़ रुपये से उपकरणों की हो रही खरीद

– लैब के लिए 10.49 करोड़ रुपये से उपकरणों की हो रही खरीद

पूर्णिया. फॉरेंसिक के बड़े महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने पूर्णिया में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला शुरू करने का निर्णय लिया है. इसी प्रकरण में पुलिस लाइन परिसर में चार करोड़ 18 लाख 81 हजार की राशि से क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भवन गत वर्ष ही बन कर तैयार हो चुका है. इस भवन में विभिन्न प्रयोगशाला के साथ स्टाफ के रहने की भी सुविधा है. प्रयोगशाला के उपकरणों की खरीद के लिए गृह विभाग ने 10.49 करोड़ रुपये आवंटित की है. उपकरणों में तुलनात्मक माइक्रोस्कोप, बुलेट पुलर, हाट एयर अवर, डिजिटल वेइंग बैलेंस रेफ्रिजेरेटर, यूवी लैंप, इंक्यूबेटर, लेबोरेटरी वर्किंग टेबल, फायरिंग बाक्स, पीएच मीटर आदि की खरीद की जायेगी. पुलिस लाइन के रक्षित डीएसपी कृष्ण कुमार के अनुसार जल्द ही फॉरेंसिक लैब काम करना शुरू कर देगा. फिलहाल पुलिस मुख्यालय द्वारा उपकरणों की खरीद एवं संबंधित स्टाफ के प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने बताया कि यहां के स्थापित लैब में केवल डीएनए टेस्ट नहीं होगा. यह टेस्ट पटना स्थित फॉरेंसिक लैब में ही हो रहा है.

पुलिस जांच का अहम हिस्सा एफएसएल

दरअसल, बीते एक जुलाई से नये आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद एफएसएल पुलिस जांच का अहम हिस्सा हो गया है. सात साल से अधिक सजा वाले अपराध में एफएसएल जांच अनिवार्य कर दी गयी है. पहले यह अनिवार्यता नहीं थी. ऐसे में एफएसएल जांच के प्रदर्शों के सैंपल की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है.अभी राज्य में पटना, मुजफ्फरपुर एवं भागलपुर के स्थायी विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में प्रदर्शों के सेम्पल की जांच हो रही है.

जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा भागलपुर

पूर्णिया के पुलिस लाइन परिसर में मोबाइल फोरेंसिक लैब है, जिसका भवन वर्ष 2020 में बना. पुलिस मुख्यालय के अनुसार राज्य के 9 पुलिस रेंज में स्थायी विधि विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना की योजना है. यहां स्थापित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अपराध अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञों की टीम रहेगी. हत्या, दुष्कर्म व पॉक्सो से संबंधित आपराधिक कांड की बारीकी से जांच की जायेगी. अभी यह जांच भागलपुर और पटना से करवायी जाती है. जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है. पूर्णिया में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के शुरू हो जाने से जांच में तेजी आयेगी और रिपोर्ट भी शीघ्र मिलेगी.

4.18 करोड़ की लागत से बना है जी प्लस टू भवन

पुलिस भवन निर्माण विभाग के अनुसार 4.18 करोड़ की लागत से क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला का भवन बन कर तैयार हो चुका है. यह भवन जी प्लस टू बनाया गया है. इसी राशि में भवन का विद्युतीकरण भी किया गया है. भवन के ग्राउंड फ्लोर में फायरिंग रूम, टेस्ट लैब, गार्ड रूम आदि रहेंगे. यहां 10 कमरे बनाये गये हैं. प्रथम और द्वितीय मंजिल पर क्रमश:13-13 कमरा बनाया गया है. यहां फिंगर प्रिंट एवं वाइस लैब बनाया जायेगा. क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के शुरू होने से पूर्णिया के अलावा कटिहार, किशनगंज एवं अररिया जिलो के बड़े आपराधिक मामलों के सैंपल जांच की जायेगी.

टिप्पणी

फॉरेंसिक लैब का भवन अभी हैंड ओवर नहीं हुआ है. जांच में इस्तेमाल कई प्रकार के मशीन और उपकरण लगने हैं. अभी यहां पूर्णिया प्रमंडल के चारों जिलों के अपराध से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जायेगी. आगे फिंगर प्रिंट की भी जांच होगी. फॉरेंसिक लैब के शुरू होने में फिलहाल दो महीने का समय लगेगा.

कार्तिकेय शर्मा, एसपी पूर्णिया

फोटो 7 पूर्णिया 9- क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला का भवन बन कर तैयार

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