Farmer Registry Bihar: पूर्णिया से अरूण कुमार की रिपोर्ट: पूर्णिया समाहर्ता परिसर स्थित महानंदा सभागार में बुधवार को प्रभारी जिला पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त (DDC) अंजनि कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रत्यक्ष मौजूदगी के साथ हुई इस बैठक में जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक अधिकारियों, अंचलाधिकारियों (CO) और कृषि विभाग के अफसरों ने भाग लिया. फार्मर रजिस्ट्री (किसान डिजिटल डेटाबेस) कार्यों की समीक्षा के दौरान यह बेहद सुखद जानकारी सामने आई कि 12 मई से शुरू होकर आगामी 30 जून 2026 तक चलने वाले इस विशेष किसान पंजीकरण अभियान में पूर्णिया जिला पूरे बिहार राज्य की रैंकिंग में प्रथम स्थान पर काबिज हो गया है.
इस बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रभारी जिलाधिकारी ने संबंधित सभी नोडल अधिकारियों, कृषि समन्वयकों और कर्मियों की पीठ थपथपाई और उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की. साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि इस नंबर-1 के पायदान को बनाए रखते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बचे हुए शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण हर हाल में समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए.
जनगणना 2027 और पेंशनधारियों के डिजिटल वेरिफिकेशन की भी हुई समीक्षा
महानंदा सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक का एजेंडा सिर्फ कृषि विभाग तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें कई अन्य जनकल्याणकारी और राष्ट्रीय महत्व की योजनाओं की भी टेबल-टू-टेबल अद्यतन स्थिति जांची गई:
- सहयोग शिविरों का फीडबैक: बीते 19 मई को जिले भर में आयोजित विशेष ‘सहयोग शिविरों’ में आम जनता से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा की गई, जिसकी प्रगति पर डीएम ने संतोष व्यक्त किया.
- जनगणना 2027 की तैयारी (Census 2027): भारत सरकार के आगामी डिजिटल जनगणना 2027 के प्रारंभिक प्रशासनिक कार्यों को लेकर प्रभारी डीएम ने सभी वरीय नोडल पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को पूरी गुणवत्ता और त्रुटिहीन तरीके से तय समय सीमा के भीतर अमलीजामा पहनाया जाए.
- पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण (Life Verification): जिले के सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन का लाभ ले रहे बुजुर्गों व लाभार्थियों के ‘जीवन प्रमाणीकरण’ कार्य में और तेजी लाने को कहा गया, ताकि तकनीकी कारणों से किसी भी गरीब की पेंशन न रुके.
“काम में कोताही मिली तो होगी सीधी कार्रवाई” — प्रभारी डीएम की चेतावनी
योजनाओं की प्रगति पर हालांकि संतोष व्यक्त किया गया, लेकिन प्रभारी जिला पदाधिकारी अंजनि कुमार ने अधिकारियों को फील्ड में एक्टिव रहने का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने सभी जिला स्तरीय और अनुमंडल स्तरीय अफसरों को निर्देश दिया कि वे केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का सघन भ्रमण कर जारी विकास कार्यों का जमीनी अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) एवं निरीक्षण करें.
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जो भी कर्मी या अधिकारी सरकारी डेडलाइन और लक्ष्य के अनुरूप डिलीवर नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
बैठक में मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से:
- अपर समाहर्ता (राजस्व) रवि राकेश
- आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सुजय सिंह
- विभागीय जांच पदाधिकारी विनय कुमार
- विधि व्यवस्था पदाधिकारी राजकुमार गुप्ता
- जिला आपूर्ति पदाधिकारी रवि शंकर उरांव
- अनुमंडल पदाधिकारी (SDO सदर पूर्णिया) श्वेतम दीक्षित
- निदेशक (DRDA), जिला कृषि पदाधिकारी (DAO), जिला सांख्यिकी पदाधिकारी और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) समेत कई विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे. इसके अतिरिक्त सभी प्रखंडों के बीडीओ, सीओ और अनुमंडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए इस बैठक से लाइव जुड़े रहे.
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