बिहार: केके पाठक के सवाल पर उलझ गईं प्रिंसिपल, नहीं घटा सकी 29 में से 11, अब हुई बड़ी कार्रवाई

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के सवाल पर 29 में से 11 अंक कम नहीं कर पाने वाली आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सराय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है. साथ ही भगवानपुर बीइओ के मंतव्य के साथ दो दिनों में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है.

बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार स्कूलों का दौरा कर रहे हैं. इसी कड़ी में केके पाठक वैशाली पहुंचे थे, जहां उन्होंने सराय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया. इस स्कूल में जब अपर मुख्य सचिव पहुंचे तो कई शिक्षक गायब मिले. जिसके बाद पाठक ने स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका से इस संबंध में सवाल किए. उन्होंने इस दौरान प्रिंसिपल से गणित का भी एक सवाल पूछ लिया. प्राचार्य घबरा गई और आसान से सवाल का उत्तर भी नहीं दे पाई. जिसके बाद अब शिक्षिका पर कार्रवाई करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनके वेतन पर रोक लगा दी गयी है. साथ ही भगवानपुर बीइओ के मंतव्य के साथ दो दिनों में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है. इस संबंध में डीइओ ने आदेश पत्र जारी किया है.

निरीक्षण के लिए स्कूल पहुंचे थे केके पाठक

दरअसल, शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने वैशाली जिले के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान वो भगवानपुर प्रखंड के आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, सराय पहुंचे थे. जहां उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापिका रौशन आरा से विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों के संबंध में जानकारी ली. प्राचार्य द्वारा अपर मुख्य सचिव को बताया गया कि विद्यालय में कुल 29 शिक्षक पदस्थापित हैं, जिसमें से 11 शिक्षक प्रशिक्षण एवं अवकाश पर हैं.

29 में से 11 नहीं घटा पाईं थी शिक्षिका

अपर मुख्य सचिव ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका से उपस्थिति को लेकर जवाब तलब करने के बाद गणित का भी एक सवाल पूछ लिया. पाठक ने उनसे 29 में से 11 घटाने के लिए कहा, तो वह नहीं बता पायी. इतना ही नहीं केके पाठक के सवालों से वो इतना घबरा गईं की वो अपना नाम तक भूल गईं.

डीइओ द्वारा जारी किया गया पत्र

जिसके बाद केके पाठक ने कहा था कि मैडम स्कूल का बहुत बुरा हाल है. हमारे डर से तो कहीं उत्तर नहीं भूल गई. इसी के बाद डीइओ द्वारा कार्रवाई करते हुए एक पत्र जारी किया गया है. इस पत्र में इसे प्राचार्य की कार्यदक्षता की कमी तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्य करने की अर्हता नहीं रखना बताया गया है.

मुख्य सचिव के निर्देश पर आगे की कार्रवाई

पत्र में यह भी कहा गया है कि पत्र प्राप्ति के दो दिनों के अंदर वे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, भगवानपुर के मंतव्य के साथ स्पष्टीकरण समर्पित करना सुनिश्चित करें. साथ ही अगले आदेश तक उनके वेतन पर रोक लगा दी गयी है. इस मामले में अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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निरीक्षण के दौरान ये बोले थे केके पाठक…

स्कूल में निरीक्षण के दौरान केके पाठक ने शिक्षकों को सिर्फ सशरीर उपस्थिति ही नहीं बल्कि मन लगाकर समर्पित भाव से बच्चों को पढ़ाने का निर्देश दिया था. उन्होंने कहा था कि विद्यालय अवधि में कम से कम प्रत्येक शिक्षक को 6 घंटी पढ़ाना है. छह घंटी से कम पढ़ाने वाले शिक्षकों का वेतन रुक जाएगा. बीपीएससी से नव नियुक्त शिक्षकों को मैट्रिक एवं इंटर में सेंटअप हुए विद्यार्थी को विशेष कक्षाएं देने का निर्देश दिया गया. साथ ही कहा कि प्रारंभिक एवं मध्य विद्यालय की तरह वर्ग नौ से बारहवीं कक्षा के बच्चों के लिए मिशन दक्ष चलाया जायेगा. इस दौरान स्कूलों में बिना जानकारी के अनुपस्थित शिक्षकों का वेतन रोकने का भी उन्होंने आदेश दिया.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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