President Draupadi Murmu: बिहार के ऐतिहासिक नालंदा के लिए आज का दिन बेहद खास होने जा रहा है. देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज राजगीर में अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी.
यह समारोह इसलिए भी खास है क्योंकि नालंदा यूनिवर्सिटी का बना नया परिसर में आयोजित होने वाला यह पहला दीक्षांत कार्यक्रम है.
ज्ञान की प्राचीन राजधानी में राष्ट्रपति का पहला कदम
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज मंगलवार को बिहार के ऐतिहासिक जिले नालंदा के दौरे पर हैं. बतौर राष्ट्रपति यह उनका पहला नालंदा दौरा है, जो कई मायनों में बेहद खास और गौरवशाली होने वाला है. राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में महामहिम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी.
यह क्षण विश्वविद्यालय के लिए इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह समारोह पहली बार नालंदा यूनिवर्सिटी के नये बने परिसर में आयोजित किया जा रहा है. राष्ट्रपति न केवल मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल और डिग्रियां प्रदान करेंगी, बल्कि उनके प्रेरक भाषण से दुनिया भर से आए छात्रों को भारत की ज्ञान परंपरा से रूबरू होने का मौका मिलेगा.
विश्वमित्रालय और हाईटेक सुविधाओं का होगा आगाज
राष्ट्रपति मुर्मू इस दौरे के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय में नवनिर्मित 2,000 सीटों वाले भव्य और अत्याधुनिक सभागार ‘विश्वमित्रालय’ (एम्फीथिएटर) का लोकार्पण करेंगी. यह एम्फीथिएटर विश्वविद्यालय की वैश्विक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा.
राष्ट्रपति विश्वविद्यालय की विशेष पत्रिका ‘मंजिरी’ का भी विमोचन करेंगी, जिसमें पूर्व छात्रों के अनुभवों और विश्वविद्यालय की विकास गाथा को संकलित किया गया है. दोपहर के सत्र में ‘दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र’ का औपचारिक शुभारंभ भी होगा, जिसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान रखी थी.
ऐतिहासिक खंडहरों का भ्रमण
समारोह के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नालंदा के उन प्राचीन अवशेषों का अवलोकन करने भी जाएंगी,जो कभी विश्व के ज्ञान का केंद्र हुआ करते थे. इन ऐतिहासिक खंडहरों के भ्रमण के दौरान वह भारत की गौरवशाली विरासत को करीब से देखेंगी.
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे राजगीर को एक किले में तब्दील कर दिया गया है. सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम हैं कि हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है और ट्रैफिक व्यवस्था में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं.
मिनी वर्ल्ड बनेगा नालंदा का दीक्षांत समारोह
आज के इस समारोह में केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि अर्जेंटीना, वियतनाम, केन्या, थाईलैंड और सर्बिया जैसे दर्जनों देशों के छात्र शामिल हो रहे हैं. कुल 10 पीएचडी शोधार्थियों और 36 मेधावियों को स्वर्ण पदक दिए जाएंगे.
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