Patna Airport: पटना एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2072.64 से बढ़कर 3657.6 मीटर होने वाली है. इसे लेकर केंद्र सरकार ने एक कमेटी गठित की है. यह कमेटी ही रनवे विस्तार को लेकर सभी काम देखेगी. सिविल विमानन विभाग की ओर से इस कमेटी के सदस्य के रूप में दो नाम चिड़ियाघर के डायरेक्टर और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मुख्य वन संरक्षक के भेजे गए थे.
कब होगी कमेटी की पहली बैठक?
जानकारी के मुताबिक, इस कमेटी की पहली बैठक अप्रैल महीने में होगी. इस बैठक में रनवे के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण, चिड़ियाघर को नुकसान या फिर फायदे को लेकर आकलन किया जाएगा. इतना ही नहीं, इसके लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में 20 सदस्यीय कमेटी बनी है. इस कमेटी में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हैं.
जू के इतनी जमीन की पड़ेगी जरूरत
पटना एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार के लिए चिड़ियाघर के जमीन की बात की जाए तो, रनवे को पूरब दिशा की ओर विस्तार करना है. इस हिस्से में लगभग 500 मीटर रनवे को आगे ले जाना है. ऐसे में पटना जू के करीब 15 एकड़ जमीन की जरूरत होगी. अधिकारियों के मुताबिक, जू के गेट नंबर दो के पहले तक का हिस्सा रनवे विस्तार के दायरे में आ रहा है. एयरपोर्ट के बाउंड्री से लेकर पीरअली पथ और जू के करीब तीन सौ मीटर जमीन के विस्तारीकरण में जरूरत पड़ेगी.
घंटाघर की लंबाई भी हो सकती है छोटी
जू के अलावा सचिवालय के घंटाघर को भी छोटा करने का प्रस्ताव था. एयरपोर्ट प्रशासन ने घंटा घर की ऊंचाई अधिक होने के कारण विमानों के लैंडिंग में परेशानी बताया था. फिलहाल, घंटाघर की लंबाई 49.5 मीटर है. जानकारी के मुताबिक, विमानों को तीन की बजाय साढ़े तीन डिग्री पर लैंडिंग करना पड़ रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार नहीं है. ऐसे में घंटाघर की लंबाई 17.5 मीटर कम करने की जरूरत पड़ सकती है, ताकि विमानों की लैंडिंग रनवे पर आसानी से हो सके.
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