Bihar Job News: बिहार के युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक नया अवसर सामने आया है. रेल डाक सेवा (आरएमएस) के मुजफ्फरपुर ‘यू’ मंडल ने डाक सेवाओं के विस्तार के लिए फ्रेंचाइजी योजना शुरू की है. इसके तहत इच्छुक युवा अपने क्षेत्र में डाकघर की फ्रेंचाइजी लेकर आमदनी का स्रोत बना सकते हैं.
गांव-गांव तक पहुंचेगी डाक सेवा
आरएमएस ‘यू’ मंडल के अधीक्षक आशुतोष आदित्य ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य उन इलाकों तक डाक सेवाएं पहुंचाना है, जहां नियमित डाकघर की सुविधा उपलब्ध नहीं है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री और पार्सल जैसी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा.
युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर
फ्रेंचाइजी योजना के जरिए युवा अपने गांव या कस्बे में ही डाक सेवाएं संचालित कर सकेंगे. इससे उन्हें रोजगार के साथ नियमित आय का अवसर भी मिलेगा. विभाग का मानना है कि यह योजना नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और छोटे कारोबारियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी.
फ्रेंचाइजी मिलने पर क्या-क्या कर सकेंगे?
फ्रेंचाइजी धारकों को कई महत्वपूर्ण डाक सेवाएं संचालित करने का अधिकार मिलेगा.
- प्रमुख सेवाएं
- स्पीड पोस्ट बुकिंग
- रजिस्टर्ड डाक बुकिंग
- पार्सल बुकिंग
- डाक टिकट और राजस्व टिकट की बिक्री
- डाक विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की जांच और भौतिक सत्यापन के बाद विभाग फ्रेंचाइजी की मंजूरी देगा.
यहां मिलेगा आवेदन फॉर्म
आवेदन फॉर्म और पूरी जानकारी के लिए अभ्यर्थी कार्यदिवस में अधीक्षक कार्यालय, RMS ‘U’ Division, मुजफ्फरपुर स्थित प्रधान डाकघर परिसर से संपर्क कर सकते हैं.
कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?
आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे.
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- अन्य आवश्यक दस्तावेज
10 हजार रुपये जमा करनी होगी सिक्योरिटी
फ्रेंचाइजी के लिए चयनित होने के बाद आवेदक को 10,000 रुपये की सुरक्षा निधि जमा करनी होगी. यह राशि किसान विकास पत्र (KVP) या राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) के रूप में जमा की जाएगी. इससे संचालन की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी.
लोगों को भी मिलेगा फायदा
इस योजना से स्थानीय नागरिकों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा. अब उन्हें स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री या पार्सल भेजने के लिए मुख्य डाकघर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. डाक सेवाएं उनके अपने इलाके में ही उपलब्ध हो जाएंगी.
