PHOTOS: पटना में जीविका दीदियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, अपनी मांगों को लेकर कर रही थी प्रदर्शन

जीविका दीदियों का कहना है कि सरकार के सभी महत्वपूर्ण योजनाओं में हम लोगों की भागीदारी होती है. घर-घर घूमकर पब्लिक वर्क करते हैं, लेकिन हमलोगों का पहचान पत्र नहीं बनाया गया है. अगर सड़क हादसे में मौत हो जाये तो हम लोगों को क्या मिलेगा. न कोई नियुक्ति पत्र मिला और न ही अन्य सरकारी सुविधाएं.

पटना के जेपी गोलंबर पर शनिवार की शाम बिहार प्रदेश जीविका कैडर संघ की ओर से नियमित वेतनमान समेत दस सूत्री मांगों को लेकर अधिकार मार्च कर रही जीविका दीदियों व कर्मियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इस दौरान कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से जख्मी हो गये, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल है.

जाम लगने के कारण प्रदर्शनकारी लाठीचार्ज होने के बाद भाग नहीं सके और पुलिस ने सभी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. कारगिल चौक से हजारों की संख्या में जीविका दीदी जैसे ही जेपी गोलंबर पर पहुंची की पुलिस ने सभी को बैरिकेडिंग कर रोक दिया.

इस दौरान मौके पर कोतवाली, गांधीमैदान, बुद्धा कॉलोनी, पीरबहोर समेत अन्य थानों की पुलिस पहुंची. डीसएपी लॉ इन ऑर्डर, टाउन डीएसपी व जिला प्रशासन के कई अधिकारी भी पहुंच गये. दो बजे के करीब प्रदर्शनकारी कारगिल चौक से रवाना हुए और जेपी गोलंबर तक पहुंचे.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से पहले बात की और आगे जाने से मना किया. इसके बाद भी जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने वाटरकैनन का प्रयोग कर लाठीचार्ज कर दिया. गांधी मैदान थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. बांड भरवा कर छोड़ दिया गया है.

भागलपुर की जीविका दीदी प्रतिमा कुमारी ने बताया कि सरकार के सभी महत्वपूर्ण योजनाओं में हम लोगों की भागीदारी होती है. घर-घर घूमकर पब्लिक वर्क करते हैं, लेकिन हमलोगों का पहचान पत्र नहीं बनाया गया है. अगर सड़क हादसे में मौत हो जाये तो हम लोगों को क्या मिलेगा. न कोई नियुक्ति पत्र मिला और न ही अन्य सरकारी सुविधाएं. केवल सरकारी काम कराया जा रहा है.

संघ के सारण जिलाध्यक्ष नवीन कुमार गोस्वामी ने बताया कि दस सूत्री मांगों में 18 से 25 हजार रुपये नियमित वेतनमान, पेंशन, पीएफ, नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र समेत दस सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर जल्द ही मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जायेगा. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जीविका दीदियों व कर्मियों के दर्द को समझे. वेतनमान नियमित कर जीविका कर्मियों के खातों में भेजा जाये.

लाठीचार्ज में सारण की सुनीता देवी, रीतू सिंह, मुजफ्फरपुर के सुनील कुमार, खगड़िया के प्रवीण कुमार, मधुबनी की गुड़िया देवी, वैशाली की रागिनी सिंह समेत 12 लोगों को चोट आयी है. सभी ने अपनी मरहमपट्टी खुद से की.

प्रदर्शन के दौरान पुलिस पांच लोगों को पकड़कर गांधी मैदान थाना ले गयी. छपरा के दो लोगों को बांड भरवाकर छोड़ा गया. अन्य तीन को बिना बांड भरवाये ही छोड़ दिया गया.

संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारी दो अक्तूबर से गांधी ग्राम भितिहरवा से पैदल यात्रा कर पटना पहुंचे थे. इसमें राज्य के सभी जिलों से जीविका दीदियां और कर्मी शामिल थे. राज्यपाल को दस सूत्री मांगों का पत्र सौंपा गया. राज्यपाल ने केंद्रीय और राज्य ग्रामीण विकास विभाग को पत्र भेजकर जायज मांगें पूरा करने का आश्वासन दिया है.

प्रदीप कुमार ने बताया कि सभी कैडरों को जीविका की ओर से नियुक्ति पत्र देने, मानदेय कंट्रीब्यूशन सिस्टम को रोक लगाने, नियमित मानदेय भुगतान करने, काम से हटाने की धमकी देने से रोकने की मांग की गयी है. महिला कैडरों को विशेष व मातृत्व अवकाश, पांच साल पुराने ऋण माफ करने की भी मांग रखी गयी है. मानदेय बढ़ाने, 60 साल सेवा करने की मांग की गयी है.

मौके पर संघ के संरक्षक पूर्व विधायक डॉ अच्युत्यानंद, विवेक कुमार, चंदन यादव आदि मौजूद

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By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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