भारत रत्न या कुछ और है मामला? क्यों अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़े केसी त्यागी 

Bihar Political News: जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की. उनके बयान के बाद बिहार में सियासी संग्राम मच गया. उनके ही दल के नेताओं ने उनसे किनारा कर लिया है. आइए बताते हैं आखिर पूरा मामला क्या है ? 

By Nishant Kumar | January 10, 2026 3:55 PM

Bihar Politics: जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ट नेता और पार्टी पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी इन दिनों बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बने हुए हैं. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की है. उनके इस मांग से उनकी ही पार्टी के नेताओं और प्रवक्ताओं ने किनारा कर लिया है. 

आखिर केसी त्यागी ने कहा क्या है ? 

केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने दिवंगत चौधरी चरण सिंह और दिवंगत कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया था.  हम इसके लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं. नीतीश कुमार समाजवादी आंदोलन से जुड़े सबसे शानदार नेताओं में से एक हैं जो अभी भी जीवित हैं. वह NDA के संस्थापकों में से एक हैं. वह ‘सुशासन बाबू’ हैं. हमने आग्रह किया है कि जब वह जीवित हैं, तभी उन्हें भी भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए. 

पत्र में केसी त्यागी ने क्या लिखा 

केसी त्यागी ने पत्र में लिखा, “30 मार्च 2024 हमारे पुरखों के सम्मान का दिन है. आपके प्रयासों से उन्हें ‘भारत रत्न’ के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किया गया था. स्व. चौधरी चरण सिंह और स्व. कर्पूरी ठाकुर द्वारा किए गए जनहित एवं कृषक, हाशिए पर गए लोगों को संगठित कर उन्हें सम्मान दिलाने का सार्थक प्रयास किया गया था.”

पत्र में आगे लिखा है, “आपके इन्हीं प्रयासों से अभिभूत होकर निवेदन है कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार भी इस सम्मान के योग्य हैं. पहले भी जीवित रहते हुए कई नायकों को यह सम्मान मिल चुका है. करोड़ों जनमानस की ओर से आपसे आशा एवं निवेदन है कि प्रिय नेता नीतीश कुमार को इस सम्मान से नवाजा जाए ताकि इतिहास आपके प्रयासों की लंबे समय तक सराहना करे.”

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पार्टी प्रवक्ताओं ने किया किनारा

केसी त्यागी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने साफ कहा कि केसी त्यागी के हाल के कई बयान सामने आए हैं लेकिन ये पार्टी की आधिकारिक सोच या नीति को नहीं दर्शाते. उन्होंने स्पष्ट किया कि केसी त्यागी के बयान पूरी तरह से निजी हैं और इन्हें पार्टी के रुख के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. 

राजीव रंजन ने आगे कहा कि यह भी एक सच्चाई है कि पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता यह तक नहीं जानते कि केसी त्यागी इस समय पार्टी में सक्रिय भी हैं या नहीं. इससे साफ है कि उनके बयान व्यक्तिगत राय हैं और पार्टी का उनसे कोई लेना-देना नहीं है. 

नीरज कुमार ने क्या कहा ? 

केसी त्यागी के बयान पर जेडी(यू) नेता नीरज कुमार ने कहा, “जनता दल का इससे कोई लेना-देना नहीं है कि केसी त्यागी क्या कहते हैं इसका जनता दलियों से कोई सरोकार नहीं है. नीतीश कुमार को ग्लोबल थिंकर कहा गया है. नीतीश कुमार की पर्सनैलिटी बहुत बड़ी है. अवॉर्ड उनके पीछे भागते हैं. केसी त्यागी क्या कहते हैं, यह सिर्फ वही जानते हैं.”

भारत रत्न देने के पक्ष में आए जीतन राम मांझी

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत रत्न नीतीश कुमार, ये शब्द सुनने में कितना अच्छा लगेगा ना. हमें पूर्ण विश्वास है कि अपने फैसले से सबको चौंका देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘भारत रत्न’ से नवाजे जाने का फैसला कर एक बार फिर से सबको चौकाएंगे. भारत रत्न नीतीश कुमार.”

Bihar Politics: अलग-थलग पड़े केसी त्यागी 

इन बयानों से केसी त्यागी पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं. जदयू नेताओं और प्रवक्ताओं के ये बयान आने लाजमी हैं क्योंकि केसी त्यागी ने कई दफा पार्टी लाइन से बाहर जाकर भी बयान दिए हैं. हाल फिलहाल में ही उन्होंने बांग्लादेशी क्रिकेटर को आईपीएल से हटाने के फैसले का विरोध किया था. अब उनके भारत रत्न वाले बयान को ‘डैमेज कंट्रोल’ के रूप में देखा जा रहा है. 

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भारत रत्न या कुछ और है मामला ?

यह कोई पहला मौका नहीं है जब नीतीश कुमार के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग उठी हो. इससे पहले भी कई पार्टी के नेता नीतीश कुमार के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग कर चुके हैं. केसी त्यागी के इस बयान को राज्यसभा में खाली होने वाली सीटों से भी जोड़कर देखा जा रहा है.