बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का इंतजार अब बेचैनी में बदलता जा रहा है. BPSC TRE-4 और BSSC जैसी भर्तियों को लेकर छात्र लंबे समय से वैकेंसी, परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार संभावित तारीखों की खबर आने और फिर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से उनकी तैयारी का रिदम टूट रहा है. कई छात्र वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा की तारीख तय नहीं होने से उनका समय और उम्र दोनों निकल रहे हैं. परिवार की उम्मीद और आर्थिक दबाव के बीच भी छात्र तैयारी जारी रखने को मजबूर हैं. कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि बिहार में पर्याप्त निजी रोजगार के विकल्प नहीं होने के कारण सरकारी नौकरी ही उनका बड़ा सहारा है.
वहीं, BSSC की भर्ती को लेकर भी अभ्यर्थियों में नाराजगी है. छात्रों का दावा है कि आवेदन के वर्षों बाद भी परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. उनका कहना है कि सरकार रोजगार देने के दावे करती है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में देरी से युवाओं का भरोसा प्रभावित हो रहा है. TRE-4 के इंतजार में बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे नियुक्ति की गारंटी नहीं, बल्कि समय पर परीक्षा और निष्पक्ष प्रक्रिया चाहते हैं. छात्रों ने बिहार सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि लंबित भर्तियों का कैलेंडर स्पष्ट किया जाए, समय पर परीक्षाएं आयोजित हों और रिजल्ट जारी किए जाएं. अब सवाल यही है कि वर्षों से इंतजार कर रहे इन अभ्यर्थियों की आवाज सरकार तक कब पहुंचेगी और भर्ती प्रक्रिया की तारीखों का सिलसिला आखिर कब खत्म होगा.