कैंपस : शोध पत्र लेखन में सिनॉप्सिस का है विशेष महत्व : प्रो स्तुति प्रसाद

शोध पत्र लेखन में सिनॉप्सिस का विशेष महत्व है. आपके शोध की दिशा सही है अथवा नहीं, यह सिनॉप्सिस पर ही निर्भर करता है

By Prabhat Khabar News Desk | July 29, 2024 9:52 PM

-पीयू :अंग्रेजी विभाग में रिसर्च एंड सिनॉप्सिस राइटिंग कार्यशाला का हुआ आयोजन

संवाददाता, पटना

शोध पत्र लेखन में सिनॉप्सिस का विशेष महत्व है. आपके शोध की दिशा सही है अथवा नहीं, यह सिनॉप्सिस पर ही निर्भर करता है. ये बातें सोमवार को पटना विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में आयोजित रिसर्च एंड सिनॉप्सिस राइटिंग कार्यशाला में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रोफेसर स्तुति प्रसाद ने कहीं. कार्यशाला में शामिल विद्यार्थियों को जागृत करते हुए उन्होंने सिनॉप्सिस तैयार करने की विस्तृत जानकारी दी. ऑनलाइन कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ प्राध्यापकों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो अर्जुन कुमार ने किया.

कार्यशाला के पहले दिन आइआइटी रूड़की की वरिष्ठ प्राध्यापक प्रोफेसर स्मिता झा ने शोधार्थियों को शोधकार्य के लिए आवश्यक टेंप्रामेंट विकसित करने का निर्देश देते हुए शोधकार्य की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि शोधार्थी हमेशा प्रयास करें कि समुचित व समाजोपयोगी मुद्दों का चयन करें.

शोधकार्यों के बारे में जानकारी दी

वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो आरपी सिंह ने अभी के समय में हो रहे शोधकार्यों के बारे में जानकारी दी और शोधार्थियों को अपने सिनॉप्सिस को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिये. विभागाध्यक्ष प्रो अर्जुन कुमार व प्रो स्तुति प्रसाद ने भी अलग-अलग सत्रों में शोधार्थियों से उनके शोध टॉपिक पर बात की और उन्हें अलग-अलग तरीके से सुधार करने की सलाह दी. सत्र के आखिर में विभागाध्यक्ष प्रो अर्जुन कुमार ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता यह है कि विभाग से देश भर में अग्रणी शोध कार्य प्रकाशित किये जाएं और विभाग की पहचान अंग्रेजी के महत्वपूर्ण शोध केंद्र के रूप में बने. ऑनलाइन कार्यशाला में सहायक प्राध्यापक डॉ विभाष रंजन, डॉ रामहित चौपाल, अतिथि शिक्षक डॉ अंचित पांडेय समेत 33 शोधार्थियों ने भाग लिया.

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