पांच लाख की सुपारी देकर अमन शुक्ला की करायी गयी हत्या
पत्रकारनगर थाने के विद्यापति पार्क के पास पांच जनवरी को बैंक लुटेरे अमन शुक्ला की हत्या के मामले का पटना पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया.
-तीन पिस्टल, घटना में इस्तेमाल की गयी बाइक और 70 हजार कैश बरामद संवाददाता, पटना
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अमन शुक्ला और सोनू उर्फ कल्लू एक ही गैंग के थे और अच्छे दोस्त थे. लेकिन, कई कारणों से इन दोनों में विवाद हो गया. बेऊर इलाके में पीएनबी में जो लूटकांड हुआ था, उसके पैसे के बंटवारे को लेकर इनके रिश्ते बिगड़ते चले गये. सोनू उर्फ कल्लू को डर था कि अमन उसकी हत्या करा देगा. इसके बाद कल्लू ने अपने रिश्तेदार जितेंद्र के साथ मिल कर अमन की हत्या की साजिश रची. अमन हाल के दिनों में एक बड़ी लूट को अंजाम देने के फिराक में था और अपने पुराने गैंग को इकट्ठा कर रहा था. इन बदमाशों की गिरफ्तारी से कई होने वाली घटनाएं भी टल गयीं.
अमन हत्याकांड में कुछ सफेदपोश और व्यवसायी भी शामिल पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आयी है कि अमन शुक्ला की हत्या कराने में कुछ जिम संचालक, व्यवसायी और भूमाफिया भी शामिल हैं. ये लोग पहले अमन शुक्ला के साथ मिल कर अपराध करते थे. लेकिन, हाल के दिनों में कारोबार करने लगे हैं. वे लोग भी चाहते थे कि अमन शुक्ला की हत्या हो जाये. इसके लिए वे लोग साेनू को सपोर्ट कर रहे थे.एसएसपी ने बताया कि पुलिस जांच में लगी है. अमन हत्याकांड में कुछ सफेदपोश और व्यवसायी भी शामिल हैं. उनकी संलिप्तता का सत्यापन किया जा रहा है. पूरी तरह सबूत हाथ लगने के बाद उनकी भी गिरफ्तारी की जायेगी.अमन की हत्या के दिन ही सोनू ने आर्म्स एक्ट के मामले में कर दिया सरेंडर
अमन शुक्ला की हत्या पांच जनवरी की शाम करीब छह बजे पत्रकार नगर थाने के विद्यापति पार्क के पास उस समय कर दी गयी, जब वह अपने बेटे अक्षय की फिजियोथेरेपी कराने के बाद घर लौट रहा था. इस दौरान ही उसकी बाइक को ओवरटेक कर बदमाशों ने हत्या कर दी थी.लेकिन पुलिस का शक सोनू उर्फ कल्लू की ओर न जाये, इसके लिए उसने उसी दिन सुबह में ही श्रीकृष्णापुरी थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक केस में कोर्ट में सरेंडर कर दिया. उस केस में ही उसका बेल टूट गया था. वह बेऊर जेल पहुंचा और शाम को अमन शुक्ला की हत्या धर्मेंद्र और सुजीत ने कर दी.5 लाख की दी सुपारी, 3.40 लाख रुपये दिये एडवांस में
पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है कि सोनू ने करीब तीन माह पहले ही अमन शुक्ला की हत्या की प्लानिंग बना ली. इसके लिए उसने सुजीत को पांच लाख की सुपारी दी. साथ ही 3.40 लाख रुपये एडवांस में भी दे दिये थे. बाइक का इंतजाम भी सोनू ने ही किया. उसने ओएलएक्स पर बेचने के लिए डाली गयी बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर अन्य बाइक पर लगा दिया और उसे सुजीत और धर्मेंद्र को सौंप दिया. पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर गलत निकला. लेकिन, लाइनर के भूमिका में रहे जितेंद्र की पहचान कर ली गयी. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. जितेंद्र ने सारी बातें पुलिस को बता दीं और फिर धर्मेंद्र व सुजीत को पुलिस ने परसा बाजार में छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
