Samrat Choudhary: बिहार में बड़े तकनीकी निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में गूगल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान राज्य में तकनीक आधारित विकास और निवेश को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
गूगल को बिहार आने का न्योता
मुख्यमंत्री ने गूगल इंडिया के प्रतिनिधिमंडल को बिहार में अपना वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है. सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर भी इस बैठक की जानकारी शेयर की. उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई है.
रोजगार और निवेश की बढ़ी उम्मीद
यदि गूगल बिहार में अपना केंद्र स्थापित करता है तो इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. साथ ही राज्य में तकनीकी क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिहार के लिए एक बड़ा निवेश साबित हो सकता है. इससे राज्य की पहचान तकनीकी क्षेत्र में मजबूत होगी.
क्या होता है वैश्विक क्षमता केंद्र?
वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Center) किसी बड़ी कंपनी का ऐसा केंद्र होता है, जहां से वह अपने महत्वपूर्ण तकनीकी और रिसर्च वर्क संचालित करती है. गूगल के ऐसे केंद्र देश के बड़े शहरों में काम कर रहे हैं. यहां इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों पर काम करते हैं.
नई तकनीकों पर होता है काम
गूगल के इन केंद्रों में खोज सेवा, डिजिटल भुगतान, क्लाउड सेवा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम होता है. यहीं से नई तकनीकों का विकास और शोध भी किया जाता है. इन केंद्रों को तकनीकी नवाचार का बड़ा केंद्र माना जाता है.
बिहार को तकनीकी नक्शे पर लाने की कोशिश
राज्य सरकार चाहती है कि बिहार भी देश के बड़े तकनीकी केंद्रों की सूची में शामिल हो. इसी उद्देश्य से गूगल जैसी वैश्विक कंपनी को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है. अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो बिहार में तकनीकी शिक्षा, रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
युवाओं के लिए बन सकता है सुनहरा मौका
बिहार के लाखों युवा तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं. ऐसे में गूगल जैसे बड़े संस्थान का आगमन उनके लिए नए अवसर लेकर आ सकता है. फिलहाल इस प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया का इंतजार है, लेकिन इस बैठक ने बिहार में तकनीकी निवेश को लेकर नई उम्मीद जरूर जगा दी है.
