Rail Line In Bihar: बिहार में 11 सालों में इतनी मजबूत हुई रेल कनेक्टिविटी, आंकड़ों से जानिए कितना हुआ सुधार

Rail Line In Bihar: बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है. 11 सालों में राज्य में रेल नेटवर्क में 303 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, यह बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों की तुलना में कम है.

By Preeti Dayal | January 11, 2026 12:00 PM

Rail Line In Bihar: बिहार में रेल नेटवर्क ने 11 सालों में लगातार प्रगति दर्ज की है. रेल मंत्रालय के नए आंकड़ों (मार्च 2024 तक) के अनुसार बिहार में रेलवे रूट की कुल लंबाई 2013 में 3,656 किलोमीटर थी, जो 2024 में बढ़कर 3,959 किलोमीटर हो गई है. इस तरह 11 सालों में राज्य के रेल नेटवर्क में 303 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है.

बिहार में रेल नेटवर्क में बढ़ोतरी का आंकड़ा

आंकड़े के अनुसार, बिहार में रेल नेटवर्क का विस्तार भले ही तेज छलांग की तरह न दिखे, लेकिन यह बढ़ोतरी निरंतर और संतुलित रही है. 2014 में बिहार का रेल रूट 3,639 किमी था, जो 2016 में 3,731 किमी और 2017 में 3,714 किमी रहा. इसके बाद 2019 में यह 3,720 किमी तक पहुंचा. साल 2020 और 2021 में नेटवर्क बढ़कर 3,794 किमी और 3,803 किमी हुआ. 2022 में यह 3,825 किमी, 2023 में 3,888 किमी और 2024 में 3,959 किमी दर्ज किया गया.

क्या कहना है रेल विशेषज्ञों का?

2024 में देश का कुल रेल नेटवर्क 69,181 किलोमीटर था. इस हिसाब से बिहार का योगदान लगभग 5.7 प्रतिशत के आस-पास है. उत्तर प्रदेश (8,823 किमी) और महाराष्ट्र (5,930 किमी) जैसे बड़े राज्यों की तुलना में बिहार का नेटवर्क छोटा है, लेकिन जनसंख्या घनत्व और यात्रियों की संख्या के अनुपात में यहां रेल लाइनों पर दबाव कहीं अधिक रहता है.

रेल विशेषज्ञों का मानना है कि, भविष्य में बिहार को नई लाइनों के साथ-साथ मौजूदा मार्गों के दोहरीकरण, विद्युतीकरण और गति क्षमता बढ़ाने पर अधिक ध्यान देना होगा. उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत करने से न केवल राज्य के अंदर आना-जाना आसान होगा, बल्कि पूर्वी भारत के व्यापारिक गलियारों को भी मजबूती मिलेगी.

रोजगार और बाजार में सुधार

बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने बताया कि बिहार में रेल विस्तार का महत्व केवल यात्री आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की आर्थिक और सामाजिक संरचना से भी गहराई से जुड़ा है. बिहार कृषि, श्रम और छोटे उद्योगों पर आधारित राज्य है, जहां रेल संपर्क ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के लिए जीवनरेखा की तरह काम करता है. नये रेल खंडों और दोहरीकरण परियोजनाओं से माल ढुलाई, रोजगार और बाजार तक पहुंच में सुधार हुआ है.

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