Prashant Kishor Won Bankipur Seat: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए बीजेपी के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को समाप्त कर दिया है. प्रशांत किशोर ने बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार को 19 हजार 324 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की. वहीं राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर रहीं.
कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत के बाद जन सुराज के कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है. सड़कों पर कार्यकर्ता एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और अबीर-गुलाल लगाकर बधाई दे रहे हैं. प्रशांत किशोर ने काउंटिंग की शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और यह आखिरी तक जारी रही. ऐसे अब बांकीपुर को नये विधायक के रूप में प्रशांत किशोर मिल गए हैं.
प्रशांत किशोर ने अपनी जीत पर क्या कहा?
प्रशांत किशोर एएन कॉलेज पहुंचे थे. यहां उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत की. इस दौरान अपनी जीत पर पीके ने कहा, यह बांकीपुर की जनता की जीत है. पीके ने आगे कहा कि जनता ने केंद्रीय नेतृत्व को यह संदेश दिया है कि बिहार का सीएम किसी अच्छे आदमी को बनाया जाए. उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने वोट दिया उन्हें धन्यवाद. जो वोट नहीं दिए उनका विश्वास जीतने का काम करेंगे.
प्रशांत किशोर के बारे में जानिए
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर रोहतास जिले के रहने वाले हैं. जिले के कोनार गांव में उनका जन्म 20 मार्च 1977 को हुआ था. लेकिन इसके बाद पीके का परिवार बक्सर में शिफ्ट हो गया. प्रशांत किशोर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बिहार में ही की. उन्होंने 1991 में बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड से एम.पी. हाई स्कूल, बक्सर से 10वीं पास की. फिर साल 1993 में पटना साइंस कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की.
इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया. यहां से उन्होंने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA)की डिग्री हासिल की. इसके बाद हैदराबाद के एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ASCI)से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन किया.
पीके ने विदेश जाकर भी पढ़ाई की. उन्होंने फ्रांस के CAVILAM Vichy से फ्रेंच बोलना सीखा. पॉलिटिक्स में आने से पहले पीके संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की फंडिंग वाले पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम में काम किए, जिसमें उन्होंने प्रोजेक्ट्स पर काम किए. यहीं से उन्होंने प्रशासन और नीतियों को समझा.
UN की नौकरी छोड़ पॉलिटिक्स में ली एंट्री
जानकारी के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने यूएन छोड़ने के बाद पॉलिटिक्स में आने का फैसला लिया. उन्होंने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC)की स्थापना की और चुनावी रणनीति बनाने का काम शुरू किया. उन्होंने कई बड़े नेताओं जैसे कि पीएम नरेंद्र मोदी, पूर्व सीएम नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, ममता बनर्जी समेत अन्य के साथ काम किया और पार्टी के जीत की रणनीति बनाई. इसलिए उन्हें राजनीतिक रणनीतिकार भी कहा जाता है.
साल 2024 में बनाई खुद की पार्टी
इसके बाद 2 अक्टूबर 2024 में उन्होंने खुद की पार्टी 'जन सुराज' बनाई. इसके बाद उन्होंने पदयात्रा के साथ-साथ कई अभियान किए. पूरे बिहार में वह घूमे और लोगों से मुलाकात की. अपने संगठन को मजबूत बनाने का हर प्रयास किया और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में लगभग सभी सीटों पर जन सुराज के कैंडिडेट उतारे.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में तो जन सुराज नहीं जीत पाई. लेकिन बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज फिर उतरी. इस बार प्रशांत किशोर खुद ही कैंडिडेट बने और जीत हासिल की. नामांकन के बाद उन्होंने लोगों के बीच जमकर प्रचार-प्रसार किया था. इसके साथ ही आम लोगों के मुद्दों को उठाया था. ऐसे आज इसका परिणाम भी उन्हें मिल गया है.
