Bankipur Assembly Bypoll: पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. इस बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से एक बार फिर सवाल पूछा गया कि क्या वह खुद बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे? इस बार भी उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया.
‘बांकीपुर का चुनाव जनमत संग्रह होगा’
सारण में पार्टी की बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर का चुनाव मौजूदा सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह साबित होगा. उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान जनता से कई बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब सरकार उन वादों पर जवाब देने से बच रही है. उन्होंने कहा कि लोगों को 10 हजार रुपये, 2 लाख रुपये और बड़ी संख्या में नौकरियां देने जैसे वादे किए गए थे, लेकिन सरकार अब इन मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है.
भाजपा को हराने का दावा
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज पार्टी बांकीपुर का चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी. उन्होंने दावा किया कि इस सीट पर भाजपा को अगर कोई चुनौती दे सकता है तो वह जन सुराज है. उनके मुताबिक कांग्रेस और राजद पिछले कई चुनावों में भाजपा को यहां नहीं हरा पाए हैं.
खुद चुनाव लड़ने के सवाल पर क्या बोले?
जब पत्रकारों ने दोबारा पूछा कि क्या वह खुद बांकीपुर से उम्मीदवार बनेंगे, तो प्रशांत किशोर ने कहा कि यह फैसला पार्टी करेगी. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जन सुराज को जो भी कदम उठाना होगा, वह उठाया जाएगा. हालांकि उन्होंने अपने चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की.
राबड़ी आवास विवाद पर भी बोले पीके
बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार और राबड़ी देवी के बीच का है, लेकिन सरकार को यह भी बताना चाहिए कि डिप्टी सीएम के आवास को मुख्यमंत्री आवास में क्यों शामिल किया गया.
प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पहले से ही बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है. इसके बावजूद पास के डिप्टी सीएम आवास को भी उसमें जोड़ दिया गया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब नेताओं को सादगी का संदेश दिया जाता है, तब मुख्यमंत्री आवास के विस्तार को लेकर भी जवाब दिया जाना चाहिए.
उपचुनाव पर टिकी नजरें
बांकीपुर सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई है. इस सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी दल अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे या किसी दूसरे चेहरे पर दांव लगाएंगे.
