Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी गलियारों में एक नाम तेजी से चर्चा में है. भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार पवन सिंह को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या उन्हें राज्यसभा भेजा जाएगा. उनकी हालिया मुलाकात ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है.
बीजेपी अध्यक्ष से दिल्ली में मुलाकात
गुरुवार को पवन सिंह ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की. इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया. लेकिन समय ने इस मुलाकात को राजनीतिक रंग दे दिया है. राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस बैठक को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.
मीडिया से बातचीत में पवन सिंह ने कहा, ‘मैंने सिर्फ भइया से आशीर्वाद लिया है.’ जब उनसे राज्यसभा जाने को लेकर सवाल हुआ तो उन्होंने जवाब दिया कि मैं पार्टी का सिपाही हूं, जो मालिक चाहेंगे वही होगा.
पहले भी चुनावी रण में उतर चुके हैं
पवन सिंह राजनीति में नए नहीं हैं. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था. इससे पहले पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से बीजेपी का टिकट भी उन्हें मिला था, जिसे उन्होंने लौटा दिया था. हालांकि काराकाट से उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को कड़ी टक्कर दी थी.
चुनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच रिश्तों में नरमी देखी गई. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह ने बीजेपी के पक्ष में जोरदार प्रचार भी किया.
अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात
विधानसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी. उस समय चर्चा थी कि वे आरा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन पार्टी के लिए प्रचार में एकटिव रहे.
बिहार में पांच सीटों पर चुनाव
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होना है. 26 फरवरी से नामांकन शुरू हो चुका है और 5 मार्च तक चलेगा. 16 मार्च को मतदान प्रस्तावित है. अमरेंद्र धारी सिंह, उपेंद्र कुशवाहा, हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर और प्रेमचंद गुप्ता का कार्यकाल समाप्त हो रहा है.
एनडीए की गणित और चैलेंज
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट जरूरी हैं. एनडीए के पास 202 विधायक हैं. इस आधार पर चार सीटें जीतना आसान माना जा रहा है. लेकिन पांचवीं सीट के लिए समीकरण जटिल हो सकते हैं. चार सीटों के बाद एनडीए के पास 38 वोट बचेंगे, जो जरूरी आंकड़े से तीन कम हैं.
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बीजेपी किसी चर्चित चेहरे को मैदान में उतारेगी? पवन सिंह का नाम इसी वजह से चर्चा में है. अब सबकी नजर पार्टी के अंतिम फैसले पर है. क्या पावर स्टार को दिल्ली की नई पारी मिलेगी, या फिर यह सिर्फ सियासी कयास साबित होंगे? आने वाले दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी.
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