पटना जू में मैसूर से आएगा नया मेहमान, 21 साल पहले USA से आई थी ‘शांति’

Patna Zoo: पटना जू में जल्द ही मैसूर जू से एक नर जिराफ लाया जाएगा. एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत होने वाली इस अदला-बदली का उद्देश्य जिराफों की ब्लड लाइन बदलकर उनकी ब्रीडिंग को बढ़ावा देना है. जरूरत पड़ने पर पटना जू अपनी मादा शावक जिराफ को भी मैसूर भेज सकता है.

Patna Zoo: पटना जू में जल्द ही एक नया मेहमान आने वाला है. जू प्रशासन ने मैसूर जू से एक नर जिराफ लाने की तैयारी शुरू कर दी है. यह प्रक्रिया एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत होगी. इसका मकसद जिराफों की ब्लड लाइन बदलना और उनकी ब्रीडिंग को बढ़ावा देना है.

पहले कोलकाता जू से हुई थी बातचीत

जू प्रशासन ने सबसे पहले कोलकाता जू से संपर्क किया था. वहां से नर जिराफ लाने पर चर्चा हुई, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद मैसूर जू से बातचीत आगे बढ़ाई गई. अब मैसूर जू से नर जिराफ लाने की योजना पर काम किया जा रहा है.

क्यों लाया जा रहा है नया नर जिराफ? (Patna Zoo New Member)

पटना जू में मौजूद जिराफों की बेहतर ब्रीडिंग के लिए नई ब्लड लाइन की जरूरत महसूस की जा रही थी. विशेषज्ञों का मानना है कि नई जेनेटिक लाइन आने से जिराफों की आबादी बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसी वजह से मैसूर जू से नर जिराफ लाने का फैसला लिया गया है.

बदले में भेजी जा सकती है मादा जिराफ (पटना जू न्यूज)

अगर मैसूर जू की ओर से मांग की जाती है तो पटना जू अपनी तीन साल की मादा शावक जिराफ को वहां भेज सकता है. यह अदला-बदली भी एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत होगी. पटना जू के पास फिलहाल केवल एक व्यस्क मादा जिराफ है, इसलिए इस पर अंतिम फैसला जरूरत और परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाएगा.

पटना जू में अभी कितने जिराफ हैं?

वर्तमान में पटना जू में कुल चार जिराफ हैं.

  • एक व्यस्क नर जिराफ- भीमा
  • एक व्यस्क मादा जिराफ- सृष्टि
  • एक नर शावक
  • एक मादा शावक

इन सभी की देखभाल जू प्रशासन द्वारा विशेष निगरानी में की जा रही है.

इसी साल हुई थी शांति की मौत

पटना जू के लिए इस साल फरवरी का महीना दुखद रहा था. जू की सबसे चर्चित मादा जिराफ शांति की मौत हो गई थी. उसकी उम्र करीब 21 साल थी. जू प्रशासन के अनुसार शुरुआती जांच में उसकी मौत की वजह प्रेग्नेंसी से जुड़ी जटिलताएं मानी गई थीं. शांति की मौत के बाद भी उसके दो बच्चे अमन और नंदनी पटना जू में मौजूद हैं.

अमेरिका से पटना लाई गई थी शांति

शांति का जन्म 20 जुलाई 2005 को अमेरिका के सैन डिएगो जू में हुआ था. वर्ष 2006 में वन्यजीव अदला-बदली कार्यक्रम के तहत उसे पटना जू लाया गया था. पटना पहुंचने के बाद शांति ने यहां जिराफ संरक्षण और ब्रीडिंग कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई.

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शांति ने दिए थे 6 बच्चों को जन्म (Patna Zoo Giraffe)

शांति ने वर्ष 2011 में पटना जू में अपने पहले बच्चे नव्या को जन्म दिया था. इसके बाद 2011 से 2023 के बीच उसने कुल छह बच्चों को जन्म दिया. उसके बच्चों को देश के कई बड़े चिड़ियाघरों में भेजा गया. इनमें शामिल हैं- नंदनकानन जू, भुवनेश्वर, गुवाहाटी जू, असम मैसूर जू और कर्नाटक.

जिराफ संरक्षण को मिलेगी नई रफ्तार

मैसूर से नर जिराफ आने के बाद पटना जू के जिराफ संरक्षण कार्यक्रम को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है. जू प्रशासन का मानना है कि नई ब्लड लाइन से ब्रीडिंग बेहतर होगी और आने वाले वर्षों में जिराफों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी. यही वजह है कि इस एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम को पटना जू के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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By Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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