पटना से चलने वाली ट्रेनों में पानी की भारी किल्लत, टॉयलेट और बेसिन के नल खराब, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

Patna News: पटना से चलने वाली कई ट्रेनों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. टॉयलेट और बेसिन के नल खराब होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी के मौसम में पानी की कमी से यात्रियों का सफर और भी मुश्किल हो गया है.

Patna News: (आनंद तिवारी की रिपोर्ट)
पटना जंक्शन से खुलने वाली कई ट्रेनों में पानी की सुविधा ठप होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जनरल बोगियों के टॉयलेट और वॉश बेसिन में पानी नहीं होने से यात्रियों को गर्मी और असुविधा के बीच कठिन सफर करना पड़ रहा है.

कई ट्रेनों में पानी की सुविधा खराब

जांच में सामने आया कि पटना से चलने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस, पटना-थावे फास्ट पैसेंजर, पटना-सासाराम इंटरसिटी और ब्रह्मपुत्र मेल सहित कई ट्रेनों के जनरल कोच में पानी की समस्या है. कई बोगियों में नल की टोटी गायब है तो कहीं पानी की सप्लाई ही बंद है.

यात्रियों को हो रही भारी परेशानी

पटना-जयनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस से दरभंगा जा रहे यात्री विमल कुमार ने बताया कि वे प्लेटफॉर्म नंबर 03 से ट्रेन में सवार हुए थे. यात्रा के दौरान जब वे टॉयलेट के लिए गए तो वहां पानी बिल्कुल नहीं था. उन्होंने बताया कि एक नहीं, बल्कि तीन से चार डिब्बों में जाकर भी उन्होंने देखा, लेकिन किसी भी कोच में पानी की सुविधा नहीं मिली. मजबूरी में उन्हें वापस अपनी सीट पर आकर बैठना पड़ा.

कुमार लालू, यात्री

पटना-समस्तीपुर-जयनगर ट्रेन के डी-2 कोच में सफर कर रहे एक यात्री ने बताया कि कोच में पानी की सुविधा तो दूर, वॉश बेसिन में नल की टोटी तक गायब थी. उन्होंने कहा कि जब वे शौचालय गए तो वहां भी नल की टोटी नहीं मिली. मजबूरी में यात्रियों को बोतलबंद पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा था.

यात्री, रत्नेश कुमार

यात्री रत्नेश कुमार ने बताया कि वे बक्सर से पटना ब्रह्मपुत्र मेल के जनरल कोच में सफर कर रहे थे. उन्होंने कहा कि स्लीपर क्लास में तो किसी तरह कम प्रेशर से पानी आ रहा था, लेकिन जनरल कोच में पूरी तरह पानी की सप्लाई बंद थी. इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

पटना जंक्शन पर पानी को लेकर स्थिति पर एक नजर

  • पटना जंक्शन पर 10 प्लेटफार्म हैं जहां 24 घंटे में लगभग 275 से अधिक ट्रेनों का स्टॉपेज है.
  • यहां कैरिज एंड वैगन विभाग रोजाना 110 ट्रेनों में पानी भरवाता है.
  • रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों का स्टापेज 5 से 15 मिनट तक है.
  • एक ट्रेन में 24 कोच होते हैं। एक बोगी में पानी भरने में तीन मिनट लगते हैं.
  • कहीं वॉल्व खुले हैं तो कहीं नलों में लीकेज, यात्री भी करते हंगामा.
  • ट्रेनों में वाॅटरिंग के समय पानी बर्बाद होता है.
  • कहीं वॉल्व खुले हैं तो कहीं नलों में लीकेज है.
  • प्लेटफार्म के वॉटर स्टैंड पर यात्री नल खुले छोड़ जाते हैं तो कहीं टोंटियां नहीं हैं.
  • कई बार तो ट्रेनों में वॉटरिंग के लिए पानी का प्रेशर भी नहीं मिलता है.
  • कोचाें में पानी नहीं से यात्री हंगामा कर देते हैं.
  • जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों के जनरल डिब्बों में कई बार पानी बंद रहता है और यात्रियों को पानी नहीं मिलता.

जनरल कोच की बदहाल स्थिति

जनरल कोच

जांच में यह भी सामने आया कि कई जनरल कोच जर्जर हालत में हैं. कहीं नल खराब है तो कहीं वॉटर सप्लाई सिस्टम काम नहीं कर रहा है. इससे यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं.

स्टेशन पर भी पानी की बर्बादी

पटना जंक्शन पर वॉटरिंग के दौरान कई जगह लीकेज और खुले वॉल्व के कारण पानी बर्बाद होने की स्थिति भी देखी गई. प्लेटफॉर्म पर लगे नलों का गलत इस्तेमाल भी समस्या बढ़ा रहा है.

रेलवे प्रशासन का बयान

रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि जिन ट्रेनों में पानी की समस्या या खराबी पाई गई है, उन्हें जल्द दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही वॉटर सप्लाई सिस्टम की जांच कर सुधार किया जाएगा.

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