पटना में छात्र आंदोलन के सभी 29 केस होंगे वापस, जानें बेऊर जेल में बंद तेज प्रताप और 160 छात्रों की कब होगी रिहाई ?

Patna Student Protest case Withdrawal : बिहार की राजधानी पटना में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े 29 मुकदमे सरकार वापस लेगी. इससे बेऊर जेल में बंद 160 छात्रों और नेताओं की रिहाई की उम्मीद बढ़ गई है. जानिए कब तक मिलेगी आजादी.

पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट 

Patna Student Protest case Withdrawal : बिहार की राजधानी पटना में हुए उग्र छात्र आंदोलन के मामले में नया अपडेट सामने आया है. सरकार ने आंदोलन के दौरान दर्ज सभी 29 मुकदमों को वापस लेने की घोषणा कर दी है. हालांकि, गृह विभाग की ओर से अभी तक न्यायालयों को औपचारिक पत्र नहीं भेजा गया है, जिसका पुलिस और अभियोजन पक्ष को बेसब्री से इंतजार है. इस फैसले से बेऊर जेल में बंद 160 छात्रों और नेताओं के परिजनों में रिहाई की भारी उम्मीद जग गई है.

सरकार के औपचारिक आदेश का है इंतजार

दरअसल, राज्य सरकार ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर यह साफ कर दिया था कि 26 जुलाई की शाम छह बजे तक आंदोलन से संबंधित दर्ज सभी प्राथमिकी (FIR) वापस ले ली जाएंगी. जानकारी के अनुसार, सरकार से जैसे ही मुकदमे वापस लेने का औपचारिक आदेश और अनुमति मिलेगी, पुलिस और अभियोजन पक्ष संबंधित न्यायालय में आवेदन देकर केस वापसी की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर देंगे.

तेज प्रताप और संदीप सौरभ भी हैं जेल में

इस हिंसक छात्र आंदोलन के बाद पुलिस ने अलग-अलग थानों में कुल 29 प्राथमिकी दर्ज की थीं. पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में अब तक 160 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार किए गए लोगों में छात्र, छात्र संगठनों के कार्यकर्ता, पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव और विधायक संदीप सौरभ शामिल हैं. फिलहाल ये सभी न्यायिक हिरासत में पटना की बेऊर केंद्रीय जेल में बंद हैं.

गांधी मैदान से आयकर गोलंबर तक हुआ था बवाल

छात्र आंदोलन के दौरान पटना के गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर और आयकर गोलंबर के आसपास के इलाकों में हालात बेकाबू हो गए थे. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई घंटों तक हिंसक झड़प हुई थी. इस दौरान पुलिस पर पथराव, सरकारी व निजी वाहनों में तोड़फोड़ और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा था.

बेऊर जेल और कोर्ट के चक्कर काट रहे परिजन

सरकार की ओर से मुकदमे वापस लेने की घोषणा होते ही गिरफ्तार छात्रों और अन्य आरोपितों के परिजनों में एक नई उम्मीद जगी है. पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में परिजन बेऊर जेल और संबंधित न्यायालय पहुंच रहे हैं. वे वकीलों और अधिकारियों से मिलकर यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार के इस फैसले का लाभ उनके बच्चों को कब तक मिलेगा और रिहाई कब होगी.

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By Sakshi Kumari

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