Patna News: केंद्र सरकार ने मैथिली भाषा को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में शामिल करने का बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत वर्ष 2026-27 से CBSE स्कूलों में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा. इस फैसले को मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और भाषाई गौरव के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि CBSE पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिलना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को नई मजबूती मिल रही है.
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर को पत्र लिखकर इस निर्णय की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मैथिली भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है और अब इसे CBSE पाठ्यक्रम में भी स्थान दिया गया है.
मिथिला क्षेत्र में खुशी का माहौल
मैथिली भाषा को CBSE पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के बाद मिथिला क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है. शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने इसे भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया है.
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