Patna News : नौ सूत्री मांगों को लेकर अधिवक्ता संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है. समिति ने सरकार और संबंधित प्राधिकार से 15 दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की है. मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आगामी 8 सितंबर से मसौढ़ी व्यवहार न्यायालय परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गयी है.
15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन
समिति के राष्ट्रीय संयोजक अधिवक्ता रुपेश पटेल ने बताया कि आंदोलन को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, विधि मंत्री, जिलाधिकारी, एसएसपी समेत संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गयी है. समिति ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता आमरण अनशन शुरू करेंगे.
डीसीएलआर न्यायालय के लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की मांग
अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगों में मसौढ़ी डीसीएलआर न्यायालय में लंबित वादों का शीघ्र निष्पादन शामिल है. इसके अलावा व्यवहार न्यायालय में सत्र और सिविल न्यायालयों की संख्या बढ़ाने तथा उत्पाद न्यायालय की स्थापना की मांग भी की गयी है.
अधिवक्ता भवन के निर्माण में अनियमितता की जांच की मांग
अधिवक्ता संघर्ष समिति ने निर्माणाधीन अधिवक्ता भवन में कथित अनियमितता की जांच कराने की मांग की है. समिति ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की भी मांग उठायी है.
युवा अधिवक्ताओं के लिए 5 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक
समिति ने युवा अधिवक्ताओं को पांच हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक देने की मांग की है. इसके साथ ही लंबित सरकारी वकीलों की नियुक्ति, अधिवक्ताओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और अधिवक्ता पुस्तकालयों के लिए 10 लाख रुपये आवंटित करने की मांग भी शामिल है.
बिहार में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग
अधिवक्ताओं ने बिहार में अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठायी है. समिति का कहना है कि अधिवक्ताओं की नौ सूत्री मांगों पर सरकार और संबंधित प्राधिकार को गंभीरता से विचार कर समय सीमा के भीतर कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
