‘एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम’ के लिए बिहार के 50 युवा पंजाब रवाना, IIT पटना से मंत्री संजय कुमार ने दिखाई हरी झंडी

Patna News: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम फेज-6’ के तहत बिहार के 50 युवाओं का दल पंजाब के लिए रवाना हो गया है. नोडल संस्थान आईआईटी पटना परिसर में आयोजित समारोह में बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और आईआईटी निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया.

Patna News: (मोनु कुमार मिश्रा की रिपोर्ट) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की महत्वाकांक्षी और राष्ट्रीय एकता को समर्पित पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम फेज-6’ का भव्य आगाज हो गया है. इसके तहत बिहार के विभिन्न जिलों से कड़े चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए लगभग 50 युवाओं का एक दल शनिवार को पंजाब के लिए रवाना हुआ. यह पूरा शैक्षणिक और सांस्कृतिक दौरा 7 जून से 13 जून तक आयोजित किया जाएगा. बिहार में इस गौरवमयी कार्यक्रम का संचालन आईआईटी पटना नोडल संस्थान के रूप में पूरी मुस्तैदी से कर रहा है.

शनिवार को आईआईटी पटना परिसर में एक गरिमामयी फ्लैग-ऑफ समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस अवसर पर आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह, डीन प्रशासन प्रो. ए.के. ठाकुर तथा नोडल ऑफिसर डॉ. सत्येंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर युवाओं की बस और दल को रवाना किया.

यह सिर्फ यात्रा नहीं, विविधता को समझने का अनूठा अवसर: मंत्री संजय कुमार

झंडी दिखाने से पूर्व आईआईटी पटना के सीनेट हॉल में एक विशेष ओरिएंटेशन समारोह का आयोजन किया गया. समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सूबे के मंत्री संजय कुमार ने कहा कि यह केवल एक सामान्य यात्रा नहीं है, बल्कि देश की समृद्ध विविधता, खान-पान, संस्कृति और परंपराओं को बेहद नजदीक से देखने और महसूस करने का एक अनूठा मंच है. उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पंजाब जाने वाले यह 50 युवा केवल अपने परिवार या जिले का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे पूरे बिहार के प्रतिनिधि और ‘सांस्कृतिक दूत’ के रूप में वहां कदम रखेंगे. वहां वे बिहार की ज्ञान भूमि की खुशबू बिखेरेंगे और पंजाब की जीवंत संस्कृति को ग्रहण करेंगे.

मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना पर आधारित ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम देश की युवा ऊर्जा को आपस में जोड़ने वाली एक ऐतिहासिक पहल है. उन्होंने आईआईटी पटना के स्वच्छ, हरित और सुंदर परिसर की सराहना करते हुए संस्थान द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की.

बिहार और पंजाब के ऐतिहासिक संबंधों पर हुई चर्चा

इससे पहले आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया. अपने संबोधन में प्रो. सिंह ने कहा कि बिहार और पंजाब के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध सदियों पुराने और बेहद मजबूत रहे हैं. सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली बिहार में होने के कारण पंजाब से हमारा आत्मिक रिश्ता है.

उन्होंने बताया कि इस 6 दिवसीय यात्रा के दौरान बिहार के युवाओं को पंजाब की समृद्ध कृषि व्यवस्था, आधुनिक औद्योगिक प्रगति, ऐतिहासिक विरासतों और वहां की स्थानीय अनूठी परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा. यह कार्यक्रम ‘विविधता में एकता’ की भावना को धरातल पर और अधिक सशक्त बनाने का बेहतरीन माध्यम है.

ढोल-नगाड़ों के बीच युवाओं में दिखा भारी उत्साह

इस फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम में डॉ. अनुप केशरी, डॉ. ऋषभ सिंह, डॉ. सुनील कुमार सिंह समेत संस्थान के कई वरिष्ठ संकाय सदस्य, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. पंजाब के लिए कूच करने वाले युवाओं में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह, उमंग और एक अलग ऊर्जा देखने को मिली.

सफर पर निकलने वाले प्रतिभागियों ने कहा कि यह यात्रा उनके जीवन का एक टर्निंग पॉइंट साबित होगी, जहां उन्हें देश के एक अन्य प्रगतिशील राज्य के विकास मॉडल और जीवनशैली को सीधे समझने का मौका मिलेगा, जिससे उनके ज्ञान, अनुभव और व्यक्तित्व में अभूतपूर्व वृद्धि होगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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