Patna News (आनंद तिवारी की रिपोर्ट): अगर आपको एक सप्ताह से बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उलटी, गले में खराश है तो अलर्ट हो जाएं. क्योंकि यह इबोला वायरस का लक्षण हो सकता है. तुरंत चिकित्सक से जांच करवायें. दुनिया भर में इबोला वायरस के मरीज मिलने के बाद राजधानी पटना के हॉस्पिटल में भी सतर्कता शुरू कर दी गयी है. इसके लिए अलग वार्ड को लेकर तैयारी की जा रही है. वहीं राज्य सरकार के दिशा निर्देश का इंतजार भी किया जा रहा है. वहीं अस्पताल प्रशासन हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयारी भी शुरू कर दिया है.
सरकार के अंतिम दिशा-निर्देश का इंतजार
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभी यहां पर कोई केस पकड़ में नहीं आया है. लेकिन हम लोग हर परिस्थिति के लिए तैयार है. इसके लिए अलग वार्ड रहेगा. वहीं आईजीआईएमएस के मीडिया प्रभारी डॉ विभूति प्रसुन्न सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार दिशा निर्देश आते ही हम लोग तैयारी शुरू कर देंगे. चुकी अभी तक राज्य स्तर पर दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया है. सिविल सर्जन डॉ योगेंद्र कुमार ने बताया कि दिशा निर्देश आते ही जिला अस्पतालों में उसे भेज दिया जाएगा.
क्यों फैलता है इबोला वायरस और क्या हैं लक्षण
इबोला वायरस कांगो गणराज्य में सबसे पहले 1976 में पकड़ में आया था. यह मुख्य रूप से संक्रमित और जंगली जानवरों से मनुष्य में आता है. एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में यह बहुत ही तेजी से फैलता है. यह मुख्यत: मध्य और पश्चिम अफ्रीका में अधिक होता है. इसकी शुरुआती लक्षण बुखार, अत्यधिक थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, दस्त, उलटी है. वायरस का अधिक प्रभाव होने पर आंतरिक रक्तस्राव भी होता है.
हवा से नहीं बल्कि सीधे संपर्क में आने से फैलता है
पीएमसीएच के चिकित्सकों ने बताया कि इबोला वायरस कभी भी हवा से एक दूसरे में नहीं जाता है, बल्कि एक मनुष्य दूसरे के सीधे संपर्क में आने से होता है. ऐसे में एक साथ खाना खाने आदि से बचना चाहिए. क्योंकि यह लार से भी फैलता है.
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