बिक्रम पुलिस की सक्रियता: 1 घंटे में खोया मोबाइल लौटाया, हो रही प्रशंसा

Patna News: बिक्रम पुलिस ने तकनीकी सेल और सर्विलांस की मदद से युवक का खोया मोबाइल महज एक घंटे में बरामद कर वापस सौंपा. त्वरित कार्रवाई से परिजनों और ग्रामीणों में खुशी दिखी.

Patna News: (रवि प्रकाश की रिपोर्ट) पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में पुलिस की मुस्तैदी और आधुनिक तकनीक का शानदार उदाहरण देखने को मिला. स्थानीय पुलिस ने एक युवक का खोया हुआ कीमती मोबाइल महज एक घंटे के भीतर बरामद कर उसे सुरक्षित वापस सौंप दिया. मोबाइल वापस मिलते ही युवक और उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, दतियाना गांव निवासी राम प्रवेश वर्मा के पुत्र दर्शन सिंह नौबतपुर जाने के क्रम में अपना मोबाइल कहीं गिराकर खो बैठे थे. काफी खोजबीन के बावजूद जब मोबाइल नहीं मिला, तब उन्होंने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी. मोबाइल में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और निजी डेटा मौजूद होने के कारण युवक काफी परेशान था.

तकनीक और मुस्तैदी से मिली सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिक्रम थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. अपर थानाध्यक्ष वरुण कुमार के नेतृत्व में पुलिस की तकनीकी सेल ने मोबाइल को सर्विलांस पर लेकर उसकी लोकेशन ट्रैक की. साइबर और टेक्निकल इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने महज एक घंटे के भीतर मोबाइल को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया.

मोबाइल मिलने पर जताया आभार

थाना परिसर में जब दर्शन सिंह को उनका खोया हुआ मोबाइल सुरक्षित सौंपा गया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. दर्शन सिंह और उनके पिता राम प्रवेश वर्मा ने अपर थानाध्यक्ष वरुण कुमार एवं उनकी टीम को धन्यवाद देते हुए पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की.

पुलिस की सक्रियता से बढ़ा लोगों का भरोसा

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की इस तरह की संवेदनशीलता और सक्रिय कार्यशैली से आम जनता का कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होता है.

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By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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