Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में अदालत ने आरोपी मनीष रंजन को जमानत देने से इनकार कर दिया है. इस फैसले के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 28 फरवरी तय की है. अब सभी की नजरें उसी दिन पर टिकी हैं.
करीब एक घंटे चली तीखी बहस
जमानत याचिका पर अदालत में करीब एक घंटे तक बहस चली. दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे. बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की. वहीं अभियोजन पक्ष (Prosecutors) ने इसका कड़ा विरोध किया. अदालत ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना.
जांच पर कोर्ट के कड़े सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच की प्रक्रिया पर सख्त टिप्पणी की. अब तक की जांच पर कई सवाल उठाए गए. अदालत ने जांच अधिकारियों से पूछा कि आखिर सबूतों के साथ छेड़छाड़ कैसे हुई. कोर्ट ने यहां तक कहा कि यदि लापरवाही सामने आती है, तो जांच अधिकारियों पर ही केस दर्ज क्यों न किया जाए.
पीड़िता पक्ष के वकील का बड़ा दावा
पीड़िता पक्ष के वकील ने सुनवाई के बाद बड़ा खुलासा किया. उन्होंने कहा कि अदालत के सामने साफ तौर पर यह मुद्दा उठाया गया कि कई अहम सबूतों से छेड़छाड़ की गई है. प्रारंभिक तौर पर अदालत ने इस पर गंभीर सवाल पूछे हैं. जांच एजेंसी से जवाब तलब किया गया है.
‘लापरवाही और छेड़छाड़ के साथ हुई जांच’
वकील ने आरोप लगाया कि जांच पूरी तरह लापरवाही से की गई. सबूतों को सही तरीके से संकलित नहीं किया गया. कई दस्तावेज और सामग्री संदिग्ध परिस्थितियों में सामने आई. उन्होंने दावा किया कि अदालत ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को फटकार लगाई है.
28 फरवरी को अगली सुनवाई
अब इस मामले में 28 फरवरी को अगली सुनवाई होगी. अदालत ने जांच एजेंसी से सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा है. आने वाली सुनवाई में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं. फिलहाल जमानत न मिलने से आरोपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं और मामले की जांच पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
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