बड़े शहरों की तरह अब पटना में भी प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए नगर निगम द्वारा एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाएगा. एंटी स्मॉग गन से पानी की फुहार और बौछारों से प्रदूषण स्तर को कम करने में मदद मिलेगा. नगर निगम ने पहले चरण में दो मशीनों की खरीद की है. मंगलवार को नगर निगम की ओर से इसका ट्रायल किया गया. प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली, जयपुर आदि शहरों में इस मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
महीन धूलकणों को करती है अवशोषित
एंटी स्मॉग गन महीन पानी की बूंदें (10 माइक्रॉन से कम) उत्पन्न करती है. यह महीन पानी की बूंदें बड़े क्षेत्र में उच्च गति के पंखे की मदद से बौछार के माध्यम से फैलाई जाती है. इससे यह हवा में मौजूद महीन धूल कणों को अवशोषित कर लेती है. खासकर पेड़ पौधे की पत्तियों पर जमा धूल कणों को भी पानी की फुहार कर उससे होनेवाले वायु प्रदूषण को कम करने में सहयोग मिलता है. वाहनों के चलने पर उससे हवा में उड़ने वाले धूल कणों पर भी पानी की बौछार कर उसे नीचे लाने का काम होता है.
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180 डिग्री तक करेगी पानी का छिड़काव
नगर निगम की ओर से खरीदी गयी इस मशीन को पूरी तरह से ड्राइवर केबिन द्वारा कंट्रोल किया जायेगा. फैन स्पीड 2200 से 2800, कैपिसिटी नौ हजार लीटर पानी की है. यह 180 डिग्री तक पानी का छिड़काव करेगी. इस एंटी स्मॉग गन से वायुमंडल में छिड़काव करके वायु प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष तौर पर डिजाइन किया गया है ताकि सभी धूल और प्रदूषण के कण का स्तर कम हो जाये. नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि एंटी स्मॉग गन से प्रदूषण के स्तर को कमी लाने में सहायता मिलेगी. अभी दो मशीन से शहर के विभिन्न इलाके में इसका इस्तेमाल किया जायेगा. इसका ट्रायल किया गया है.
