Patna News: (नीतीश सिंह की रिपोर्ट)
दिल्ली के एक होटल में भीषण आग लगने से 20 से अधिक लोगों की मौत के बाद पटना के होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. फायर विभाग के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी के 241 पंजीकृत होटलों में से 161 में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं. ऐसे होटलों पर अब प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है.
फायर ऑडिट में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
फायर विभाग ने पटना के 241 बड़े और संवेदनशील होटलों का ऑडिट कराया. जांच में पाया गया कि 161 होटलों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया गया है. इन सभी होटलों को नोटिस जारी किया गया है. हालांकि कुछ होटल संचालकों ने बाद में आवश्यक व्यवस्था कर ली है, लेकिन बड़ी संख्या में होटल अब भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं.
संकरी गलियों वाले होटलों में सबसे ज्यादा खतरा
कई होटल ऐसे इलाकों में संचालित हो रहे हैं जहां सड़कें बेहद संकरी हैं. ऐसी स्थिति में आग लगने पर दमकल वाहनों का पहुंचना मुश्किल हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जगहों पर सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है.
लोदीपुर फायर स्टेशन क्षेत्र में सबसे खराब हालात
लोदीपुर फायर स्टेशन क्षेत्र में सबसे अधिक होटल हैं. पीरबहोर, गांधी मैदान, फ्रेजर रोड, स्टेशन गोलंबर, आशियाना, राजाबाजार, कदमकुआं और पाटलिपुत्र जैसे इलाकों के 155 होटलों में से केवल 27 ने ही फायर ऑडिट सर्टिफिकेट प्राप्त किया है. बाकी 128 होटलों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई है. यह आंकड़ा करीब 82.58 प्रतिशत होटलों का है.
पटना सिटी और कंकड़बाग के होटल सुरक्षा में आगे
पटनासिटी फायर स्टेशन क्षेत्र के 13 में से 12 होटलों ने सभी सुरक्षा मानकों को पूरा कर लिया है. वहीं कंकड़बाग क्षेत्र के 13 में से 11 होटल फायर ऑडिट सर्टिफिकेट हासिल कर चुके हैं. इन इलाकों में अधिकांश होटल अग्नि सुरक्षा को लेकर सजग पाए गए हैं.
दानापुर और फुलवारीशरीफ में अभी भी बड़ी चुनौती
दानापुर फायर स्टेशन क्षेत्र के 29 होटलों में से केवल 12 ने सुरक्षा इंतजाम पूरे किए हैं, जबकि 17 होटल अब भी मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं. वहीं फुलवारीशरीफ क्षेत्र के 18 होटलों में से केवल 7 होटल ही आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर पाए हैं.
नियम नहीं मानने वाले होटलों पर लटकी सीलिंग की तलवार
जिला फायर कमांडेंट रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले होटलों को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं. 161 में से करीब 40 होटलों ने आवश्यक व्यवस्था पूरी कर ली है और उन्हें सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया जारी है. बाकी होटलों को दोबारा नोटिस जारी किया जा रहा है. इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है.
जिलाधिकारी को भी भेजी गई रिपोर्ट
फायर विभाग ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले होटलों की जानकारी जिला प्रशासन को भी उपलब्ध करा दी है. अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
पटना में इतने अग्निशमन वाहन हैं तैनात
पटना जिले में आग से निपटने के लिए 22 वाटर टेंडर, 5 फोम टेंडर, 3 वाटर बाउजर, 39 एमटी वाहन, 12 एमटी बाइक और 5 हाईड्रोलिक वाहन उपलब्ध हैं. इनमें 52 मीटर, 42 मीटर और 32 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले आधुनिक वाहन शामिल हैं.
फायर विभाग के पास इतने अधिकारी और कर्मी
पटना जिले में वर्तमान में 6 सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी, 4 अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी, 38 सब ऑफिसर, 80 प्रधान अग्निक, 93 अग्निक चालक और 241 अग्निक तैनात हैं. विभाग का दावा है कि संसाधनों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
ALSO READ: पटना-नालंदा के होटलों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 15 दिन में मांगी पूरी कुंडली, नहीं तो होगी कार्रवाई
