Patna Hotels Fire Safety Notice News (संजय कुमार): देश की राजधानी दिल्ली और बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांडों से सबक लेते हुए पटना का जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. दानापुर नगर क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के कड़े मानकों की अनदेखी करने और बिना एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से कमर्शियल एक्टिविटी चलाने वाले कुल 35 बड़े होटलों और रेस्टोरेंटों के मालिकों के खिलाफ प्रशासन ने एक साथ बड़ा हंटर चलाया है. विभाग ने इन सभी 35 संस्थानों को आधिकारिक नोटिस जारी करते हुए महज एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर अपनी सभी कमियों और अनियमितताओं को दुरुस्त करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है.
एसडीओ अनिरूद्ध पाण्डेय के निर्देश पर हुई बड़ी कार्रवाई, भीषण गर्मी में बढ़ा शॉर्ट सर्किट का खतरा
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह बड़ी कार्रवाई दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अनिरूद्ध पाण्डेय के कड़े इनपुट और निर्देशों के बाद शुरू की गई है. वर्तमान में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण होटलों में एसी व अन्य उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे ट्रांसफार्मरों और वायरिंग पर विद्युत लोड बढ़ने से शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना कई गुना बढ़ गई है. इसी खतरे को भांपते हुए एसडीओ ने बिल्डिंग बायलॉज और फायर नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ तत्काल फायर सुरक्षा ऑडिट जांच करने के आदेश दिए थे.
सगुना मोड़, बेली रोड और गोला रोड के होटलों में मिले गंभीर लूपहोल्स, आपातकालीन रास्ते पाए गए ब्लॉक
हायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी शशिकांत शर्मा ने बताया कि मंगलवार को विभाग की विशेष जांच टीमों ने खगौल रोड, सगुना मोड़, बेली रोड, आरपीएस मोड़, अभियंता नगर और गोला रोड समेत शहर के सबसे व्यस्त और पॉश इलाकों के 35 नामचीन होटलों और रेस्टोरेंटों में आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया. इस फायर सुरक्षा ऑडिट के दौरान अधिकांश बड़े होटलों में गंभीर लापरवाही और सुरक्षा मानकों का सरेआम उल्लंघन पाया गया. जांच में सामने आया कि होटलों में पर्याप्त मात्रा में फायर एक्स्टिंग्विशर (अग्निशामक उपकरण) मौजूद नहीं थे, कई जगह आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) को कबाड़ रखकर ब्लॉक कर दिया गया था और कइयों के पास वैध फायर एनओसी तक उपलब्ध नहीं थी.
एक सप्ताह में कमियां दूर न करने पर सीधे ठोक दी जाएगी सील, बुधवार को अस्पतालों का नंबर
सहायक जिला पदाधिकारी शशिकांत शर्मा ने कड़े लहजे में साफ कर दिया है कि इन सभी 35 होटल व रेस्टोरेंट मालिकों को मंगलवार को ही आधिकारिक नोटिस रिसीव करा दिया गया है. सभी को सात दिनों के भीतर अपने परिसरों में सारे सुरक्षा उपकरण लगाने और मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है. अगर एक हफ्ते के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो विभाग मुख्यालय को लिखित रिपोर्ट भेजकर इन सभी 35 होटलों को पुलिस बल के सहयोग से ऑन-स्पॉट सील करने की अनुशंसा (कार्रवाई) कर देगा.
शर्मा ने आगे बताया कि होटलों के बाद अब विभाग का अगला टारगेट शहर के चिकित्सा संस्थान हैं. बुधवार की सुबह से दानापुर नगर क्षेत्र के सभी प्रमुख निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक और निजी अस्पतालों में सघन फायर सेफ्टी ऑडिट और औचक जांच अभियान चलाया जाएगा, ताकि मरीजों की जान को सुरक्षित किया जा सके. इस प्रशासनिक हंटर के बाद दानापुर के कमर्शियल बिल्डिंग मालिकों और निजी अस्पताल संचालकों के बीच हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है.
