Patna High Court: पटना हाई कोर्ट के लायर्स एसोसिएशन में एक बार फिर संदिग्ध परिस्थितियों में 6.35 बोर की 25 गोलियों का एक पैकेट बरामद हुआ है. जैसे ही वकीलों की नजर इस पैकेट पर पड़ी, पूरे परिसर में अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल बन गया. इसके बाद संघ के सदस्यों ने बिना देर किए तुरंत कोर्ट ऑफिसर को घटना की जानकारी दी.
पुलिस ने शुरू की मामले की तफ्तीश
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर कारतूसों को अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने शाम के समय खुद हाई कोर्ट पहुंचकर पूरे इलाके का मुआयना किया और सुरक्षा का जायजा लिया. फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इतना संवेदनशील सामान अंदर तक कैसे पहुंचा.
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश से मिले अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि
दोपहर में लंच ब्रेक के दौरान हाई कोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघों के अध्यक्षों और महासचिवों ने कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर सिंह से मुलाकात की. प्रतिनिधियों ने कोर्ट की अन्य समस्याओं के साथ-साथ कारतूस मिलने की घटना पर चिंता व्यक्त की. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने गहरा आश्चर्य जताया और परिसर की सुरक्षा को और ज्यादा चाक-चौबंद करने का भरोसा दिया.
सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियमों पर उठे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब ऐसा मामला सामने आया हो, इससे पहले भी इसी लायर्स एसोसिएशन परिसर से 50 से अधिक गोलियां मिल चुकी हैं. पटना हाई कोर्ट में कुल 5 प्रवेश द्वार हैं, जिनमें से गेट नंबर 1 केवल जजों के लिए है और बाकी गेट नंबर 2 से 5 तक अधिवक्ताओं व मुवक्किलों के लिए हैं.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
जांच प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही आई सामने
हाई कोर्ट परिसर के गेट नंबर 3 के पास मुवक्किलों के सामान और बैग की जांच के लिए रूम बना हुआ है और मेटल डिटेक्टर भी लगे हैं. हालांकि, वकीलों के बैग या सामान की कोई चेकिंग नहीं की जाती है. चेकिंग की इस ढील की वजह से कोई भी व्यक्ति वकील की पोशाक पहनकर बिना किसी जांच के आसानी से परिसर के भीतर प्रवेश कर सकता है, जिससे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
इसे भी पढ़ें: अगले 72 घंटे बिहार में जारी रहेगा आंधी-तूफान और झमाझम बारिश का दौर, IMD ने जारी की एडवाइजरी
