पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
पटना स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को भव्य शताब्दी समारोह मना रहा है. राजधानी के ज्ञान भवन में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे. इस समारोह में देशभर के आयुर्वेद विशेषज्ञ, पूर्व छात्र, चिकित्सक और शिक्षाविद शामिल हो रहे हैं.
जारी होगा शताब्दी स्मृति विशेष डाक आवरण
महाविद्यालय की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को यादगार बनाने के लिए डाक विभाग की ओर से विशेष डाक आवरण जारी किया जाएगा. इस विशेष आवरण में कॉलेज और अस्पताल की ऐतिहासिक इमारत को दर्शाया गया है, जो संस्थान की समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है.
101 विभूतियों का होगा सम्मान
शताब्दी समारोह के दौरान आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 101 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा. इनमें वर्ष 1926 से अब तक के पूर्व प्राचार्य, अस्पताल अधीक्षक, वरिष्ठ शिक्षाविद और महाविद्यालय के पूर्व छात्र शामिल हैं. आयोजकों के अनुसार यह सम्मान संस्थान की सौ वर्षों की उपलब्धियों और योगदान को समर्पित है.
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में आयुर्वेद के वैश्विक महत्व पर चर्चा
मुख्य समारोह से एक दिन पहले कॉलेज परिसर में "Ayurveda and Global Health Care" विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई. इसमें देश-विदेश से आए आयुर्वेद विशेषज्ञों ने आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में आयुर्वेद की भूमिका और वैश्विक स्वीकार्यता पर अपने विचार साझा किए.
विशेषज्ञों ने आयुर्वेद के भविष्य पर रखे विचार
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के कुलपति डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान का 100 वर्ष पूरा करना उसकी समृद्ध परंपरा और निरंतर विकास का प्रमाण है. वहीं सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपति डॉ. गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि दुनिया भर में आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है.
अगले 100 वर्षों के लिए तैयार की गई नई रूपरेखा
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उमा पांडेय ने संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले 100 वर्षों में आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा. कार्यक्रम में अस्पताल अधीक्षक डॉ. शिवादित्य ठाकुर, विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविद, चिकित्सक, पूर्व छात्र और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे.
पूर्व छात्रों ने साझा की पुरानी यादें
शताब्दी समारोह में देश-विदेश से आए पूर्व छात्रों ने भी भाग लिया. आईयूवीडब्ल्यू, शिकागो (अमेरिका) के कुलपति एवं महाविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. अभिमन्यु कुमार ने कहा कि 35 वर्षों बाद अपने पुराने परिसर में लौटकर छात्र जीवन की यादें ताजा हो गईं. वहीं पूर्व छात्र संघ के महासचिव डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि यह संस्थान देश के प्रतिष्ठित आयुर्वेद महाविद्यालयों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और इसकी शताब्दी पूरे आयुर्वेद जगत के लिए गर्व का अवसर है.
