पटना: दानापुर में बाढ़ पीड़ितों के मददगार बने समाजसेवी, 500 परिवारों में बांटा सूखा राशन; नाव से पहुंची राह

पटना के दानापुर प्रखंड की छह पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. समाजसेवी अमरेंद्र कुमार सिंह ने 500 परिवारों को सूखा राशन किट पहुंचाकर बड़ी मदद की है. बाढ़ पीड़ितों ने राहत शिविर और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी मांग की है.

Patna Flood Update : दानापुर प्रखंड के दियारा क्षेत्र की छह पंचायतें पिछले छह दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं. पुरानी पानापुर, कासिम चक, हेतनपुर, मानस, पतलापुर और गंगहारा पंचायतों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी फैल जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. कई परिवार पानी से घिरे हुए हैं और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानियों का सामना कर रहे हैं.

समाजसेवी अमरेंद्र कुमार सिंह ने 500 परिवारों तक पहुंचाई मदद

इस गंभीर मानवीय संकट के बीच स्थानीय समाजसेवी अमरेंद्र कुमार सिंह ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पहल की. उन्होंने अपने निजी कोष से हेतनपुर पंचायत के करीब 500 अत्यंत जरूरतमंद परिवारों के लिए सूखा राशन का किट तैयार कराया और उसका वितरण किया. राहत किट में चूड़ा, गुड़, बिस्किट, माचिस और मोमबत्ती समेत जरूरी सामग्री शामिल थी.

नाव और पैदल पहुंचकर बांटी राहत सामग्री

बाढ़ के पानी से घिरे परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं ने नाव और पैदल रास्ते का सहारा लिया. लोगों के घरों तक पहुंचकर उन्हें सूखा राशन और जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया. राहत सामग्री मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली.

कासिमचक मुखिया ने भी बांटी जरूरी सामग्री

कासिमचक पंचायत के मुखिया विनोद कुमार ने भी बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया. उन्होंने लोगों को चूड़ा, गुड़, बिस्किट, माचिस और मोमबत्ती समेत अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया. बाढ़ के बीच राहत सामग्री मिलने से प्रभावित परिवारों को काफी मदद मिली.

नाव पर सवार होकर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे अभिमन्यु यादव

स्थानीय विधायक सह मंत्री रामकृपाल यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव भी दियारा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव से पहुंचे. उन्होंने बाढ़ में फंसे लोगों के बीच चूड़ा, गुड़, बिस्किट, माचिस, मोमबत्ती समेत अन्य जरूरत की सामग्री वितरित की. उन्होंने कहा कि जलमग्न गांवों के प्रभावित लोगों तक राहत किट पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

पानी उतरने तक निजी संसाधनों से मदद जारी रखने का संकल्प

अभिमन्यु यादव ने कहा कि समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति की पीड़ा को साझा करना ही सच्ची मानवता है. जब तक बाढ़ का पानी नहीं उतर जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक निजी संसाधनों से असहाय बाढ़ पीड़ितों के बीच सूखा राशन और जरूरी सामग्री का वितरण जारी रखने का संकल्प है.

सूखा राशन मिलने से बच्चों की भूख मिटाने में मिली मदद

राहत किट पाने वाले बाढ़ पीड़ित परिवारों ने बताया कि पानी से घिरे होने के कारण घरों में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया था. ऐसे समय में चूड़ा, गुड़ और अन्य सूखी सामग्री मिलने से परिवार और बच्चों की भूख मिटाने में काफी मदद मिली है.

बाढ़ पीड़ितों ने राहत शिविर और मेडिकल सुविधा की मांग की

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित इलाकों में जल्द बड़े पैमाने पर राहत शिविर शुरू करने की मांग की है. इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग दोहरायी गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी से घिरे लोगों के लिए भोजन के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी बेहद जरूरी हैं.

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By संजय कुमार

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