Patna News: (अमृता सिंह की रिपोर्ट)
पटना स्थित किलकारी बिहार बाल भवन, में चल रहे समर कैंप ‘चक धूम धूम’ में बच्चों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को कैंप में करीब 1300 बच्चों ने हिस्सा लिया और 25 से अधिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. कैंप की खासियत यह रही कि बच्चों को एक ओर बिहार की पारंपरिक लोक कलाओं से परिचित कराया गया, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक की बुनियादी जानकारी भी दी गई.
मंजूषा कला प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
आठ दिनों से चल रही मंजूषा कला कार्यशाला का समापन बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी के साथ हुआ. बच्चों ने कपड़ों, बोतलों, मिट्टी के बर्तनों और खिलौनों पर आकर्षक मंजूषा चित्र उकेरे. इसके अलावा कबाड़ से उपयोगी और सजावटी वस्तुएं बनाने वाली रंग-शिल्प प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही.
एआई, कोडिंग और रोबोटिक्स की मिली जानकारी
तकनीकी कार्यशालाओं में बच्चों ने एआई, 3-डी प्रिंटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कोडिंग और रोबोटिक्स की बुनियादी जानकारी हासिल की. बच्चों ने स्वयं सर्किट तैयार किए और बेकार सामान से मोटर बनाकर उसे संचालित कर अपनी तकनीकी समझ का प्रदर्शन किया.
नई कार्यशालाओं की हुई शुरुआत
कैंप में किस्सागोई कार्यशाला का समापन हुआ, जबकि नाटक, बांसुरी वादन और सूफी संगीत की नई कार्यशालाओं की शुरुआत की गई. इसके अलावा योग, कराटे, शतरंज, स्केटिंग, चित्रकला, संगीत और नृत्य जैसी गतिविधियां भी जारी रहीं. आयोजकों के अनुसार यह समर कैंप बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
