Patna Airport: पटना एयरपोर्ट पर प्लेन की लैंडिंग के बीच खतरा ? पायलेट्स को इन वजहों से होती है परेशानी…

Patna Airport: अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश हादसे के बाद पटना एयरपोर्ट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. दरअसल, लैंडिंग के वक्त पायलेट्स को ऐसा कुछ दिखता है,जिसके बाद उनकी टेंशन बढ़ जाती है. जिसके कारण जल्द ही कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

Patna Airport: अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया. जिसके बाद देश के अन्य एयरपोर्ट को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है. इस बीच पटना एयरपोर्ट पर भी विमानों की लैंडिंग के दौरान खतरे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. दरअसल, लैंडिंग के वक्त पायलेट्स को ऐसा कुछ दिखता है,जिसके बाद उनकी टेंशन बढ़ जाती है. पटना के फुलवारी शरीफ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा संवेदनशील माना जाता है. यहां एयरपोर्ट की रनवे पट्टी के ठीक सामने रेलवे लाइन और उसके ऊपर हाईटेंशन वायर अक्सर विमानों की लैंडिंग के दौरान मुश्किल खड़ी कर देता है.

अब तक नहीं उठाए गए ठोस कदम

कुल मिलाकर देखा जाए तो, लैंडिंग के दौरान रोंगटे खड़े हो जाते हैं. बता दें कि, कई बार पटना एयरपोर्ट पर प्लेन के पक्षियों से टकराने की खबर सामने आती है, जिसके कारण परेशानी पैसेंजर्स को झेलनी पड़ती है. खबर की माने तो, पटना एयरपोर्ट से जुड़ी दिक्कतों को लेकर कई बार संबंधित विभाग को सूचित किया गया है. एयरपोर्ट के विस्तार और रनवे की दिशा बदलने की मांग की मांग की गई. लेकिन, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण परेशानी बनी हुई है. दिन के समय पक्षियों की गतिविधियां बनी रहती है तो वहीं रात के समय वाहनों की आवाजाही. वाहनों के हेडलाइट के कारण पायलेट्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. दरअसल, विजिबिलिटी प्रभावित होने के कारण लैंडिंग में परेशानी होती है.

एयरपोर्ट का सही इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी

हालांकि, पायलट की सूझबूछ के कारण कई हादसे टले हैं. लेकिन, पटना एयरपोर्ट पर विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए सही इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी है. बता दें कि, पटना एयरपोर्ट के आस-पास घनी आबादी है. वहीं, यह एयरपोर्ट सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट में से एक है. हर दिन लगभग 30 से 34 उड़ानों का संचालन किया जाता है. हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है. ऐसे में सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम करना बेहद जरूरी है. छोटी सी चूक में बड़ा हादसा हो सकता है. ऐसी परिस्थितीयों को देखते हुए जल्द ही कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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