Patna News : (नितिश सिंह की रिपोर्ट)
पटना जिले के निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है. जिले के कुल 462 अस्पतालों में से 78 में आग से बचाव और नियंत्रण के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. ऐसे अस्पतालों में आग लगने की स्थिति में मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.
आंकड़ों के अनुसार, जिन अस्पतालों ने फायर सेफ्टी ऑडिट पूरा नहीं किया है, वे पूरी तरह दमकल विभाग पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आपात स्थिति में दमकल की देरी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
फुलवारीशरीफ में सबसे अधिक लापरवाही
फुलवारीशरीफ फायर स्टेशन क्षेत्र में सबसे अधिक 34 अस्पतालों में फायर सेफ्टी मानकों का अनुपालन अधूरा पाया गया है. यह क्षेत्र अनिसाबाद, खगौल, जानीपुर सहित अर्धशहरी इलाकों को कवर करता है.
कंकड़बाग क्षेत्र में 92 अस्पतालों में से 12, पटनासिटी में 55 में से 10 और लोदीपुर में 46 में से 9 अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का पालन पूरा नहीं है.
मसौढ़ी में 100 प्रतिशत अनुपालन
वहीं मसौढ़ी फायर स्टेशन क्षेत्र की स्थिति सबसे बेहतर पाई गई है, जहां सभी 27 अस्पतालों ने फायर सेफ्टी मानकों का अनुपालन पूरा कर लिया है और ऑडिट सर्टिफिकेट भी प्राप्त कर लिया है.
78 अस्पताओं को जारी किया जा रहा नोटिस
जिले में 462 में से 384 अस्पतालों ने फायर सेफ्टी व्यवस्था पूरी कर ली है, जबकि शेष 78 अस्पतालों को लेकर प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया जा रहा है.
जानिए…कहां कितने अस्पतालों में फायर स्टेशनवार स्थिति
| फायर स्टेशन | अस्पताल की संख्या | अनुपालन पूर्ण | अनुपालन अपूर्ण |
| लोदीपुर | 46 | 37 | 09 |
| कंकड़बाग | 92 | 80 | 12 |
| सचिवालय | 52 | 48 | 04 |
| फुलवारीशरीफ | 86 | 52 | 34 |
| दानापुर | 72 | 68 | 04 |
| पटनासिटी | 55 | 45 | 10 |
| बाढ़ | 23 | 19 | 04 |
| मसौढ़ी | 27 | 27 | 00 |
| पालीगंज | 09 | 08 | 01 |
प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जिन अस्पतालों ने अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया है, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जल्द ही सभी संस्थानों को मानकों के अनुरूप लाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी.
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