एक्शन मोड में सीएम नीतीश, IGIMS को 1200 बेड की सौगात, अधिकारियों को जल्द काम पूरा करने का टास्क

Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को पटना के IGIMS में बन रहे 1200 बेड के नए अस्पताल का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए और बताया कि IGIMS को कुल 3000 बेड का बनाया जा रहा है. इससे बिहार की हेल्थ सर्विस और भी बेहतर होंगी.

Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) पहुंचे. यहां उन्होंने 1200 बेड वाले नए अस्पताल और बिल्डिंग का बारीकी से निरीक्षण किया. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाएं ताकि लोगों को जल्द से जल्द बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके.

IGIMS बनेगा 3000 बेड का विशाल अस्पताल

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि IGIMS को भविष्य में 3000 बेड का अस्पताल बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि यह नया मल्टी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक लेटेस्ट सुविधाओं से लैस होगा. इससे बिहार के मरीजों को बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

पुराने दिनों को किया याद

नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के शुरुआती दौर को याद करते हुए बताया कि 2005 में जब उन्होंने कमान संभाली थी, तब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की हालत बेहद खराब थी. उन्होंने कहा, “पहले एक अस्पताल में महीने भर में सिर्फ 39 मरीज आते थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 11600 हो गई है.”

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मेडिकल कॉलेजों की बढ़ी संख्या

स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में पहले सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज थे, यह अब बढ़कर 12 हो चुके हैं. इसके अलावा PMCH को 5400 बेड और अन्य पुराने कॉलेजों को 2500 बेड की क्षमता वाला बनाया जा रहा है. इस मौके पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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