खान सर के पार्टनर रहे निखिल सर ने लगाए गंभीर आरोप, बोले- इसने मेरा संस्थान मुझसे छीन लिया

Khan Sir: फैजल खान पर टारगेट कोचिंग के डायरेक्टर निखिल सर ने गंभीर आरोप लगाए हैं. निखिल सर ने कहा कि फैजल खान ने धोखा, धमकी और दबाव के जरिए उनका कोचिंग साम्राज्य हड़प लिया और अब उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं.

Khan Sir: फैजल खान उर्फ खान सर के पूर्व सहयोगी और टारगेट कोचिंग के डायरेक्टर रहे निखिल सर ने कैमरे के सामने आकर साल 2019 से जुड़े विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि फैजल खान ने दबाव, धमकी और धोखाधड़ी के जरिए उनके कोचिंग संस्थान पर कब्जा कर लिया. निखिल सर का दावा है कि जिस संस्थान को आज खान सर चला रहे हैं, उसकी नींव उनके भरोसे, निवेश और मेहनत से रखी गई थी.

निखिल सर के अनुसार, जब खान सर पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में आए थे, तब उनकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी. उन्होंने बताया कि शुरुआत में खान सर वंदना मैम की कोचिंग में पढ़ाते थे, लेकिन वहां विवाद होने के बाद उन्हें संस्थान छोड़ना पड़ा. इसके बाद उन्होंने फैजल खान को अपने कोचिंग संस्थान में पढ़ाने का मौका दिया.

50 रुपये प्रति घंटे से शुरू हुआ था सफर

निखिल सर ने बताया कि शुरुआत में फैजल खान को 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान किया जाता था. बाद में उनकी लोकप्रियता बढ़ी और छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ तो दोनों के बीच 70:30 के अनुपात पर समझौता हुआ. छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए किसान कोल्ड स्टोरेज के पास बड़ी जगह किराये पर ली गई और कोचिंग का विस्तार किया गया.

उनका कहना है कि इसी दौरान फैजल खान ने लिखित एग्रीमेंट किया था और अब्बा की कसम खाकर भरोसा दिलाया था कि वे कभी धोखा नहीं देंगे और साथ मिलकर काम करेंगे.

लोकप्रियता बढ़ने के बाद बदला व्यवहार

निखिल सर का आरोप है कि जैसे-जैसे फैजल खान की पहचान और लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे उनका रवैया भी बदलने लगा. उन्होंने दावा किया कि 2019 के आसपास उन पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा. निखिल सर के मुताबिक, उन्हें डराया-धमकाया गया और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का दबाव डाला गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में ऐसे कागजात तैयार किए गए जिनमें कोचिंग संस्थान का मालिकाना हक फैजल खान के नाम दिखाया गया. निखिल सर का कहना है कि उस समय हालात ऐसे थे कि उन्होंने चुप रहना ही बेहतर समझा.

रेंट एग्रीमेंट और बिल होने का दावा

निखिल सर ने कहा कि उनके पास आज भी कई ऐसे दस्तावेज मौजूद हैं जो उनके दावों को साबित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि रेंट एग्रीमेंट, बिजली बिल और अन्य कागजात उनके पास सुरक्षित हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया में पेश किया जाएगा. उनका कहना है कि यही दस्तावेज यह साबित करेंगे कि संस्थान की शुरुआत और संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

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जान से मारने की धमकियां मिलने का आरोप

निखिल सर ने यह भी दावा किया कि इस पूरे मामले को सार्वजनिक करने के बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को लेकर डर का माहौल बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी फैजल खान पर होगी.

निखिल सर ने बताया कि उन्होंने कानूनी सलाह लेना शुरू कर दिया है. वकीलों से बातचीत के बाद वे जल्द ही फैजल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और अदालत में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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