Bihar Highway Project: मुंगेर से मिर्जाचौकी तक बन रही 124.41 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क का करीब 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. परियोजना को जुलाई तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. अगर काम तय समय पर पूरा हो गया तो अगस्त महीने से इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है.
मुंगेर से भागलपुर की लगभग 70 किलोमीटर की दूरी तय करने में दो से तीन घंटे लग जाते हैं. कई बार ट्रैफिक जाम की वजह से यह समय चार से पांच घंटे तक पहुंच जाता है. नई फोरलेन सड़क शुरू होने के बाद यही सफर करीब एक घंटे में पूरा हो सकेगा.
5788 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क
NHAI के प्रोजेक्ट इंचार्ज नीतीश कुमार के अनुसार इस परियोजना पर करीब 5788 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. यह फोरलेन सड़क बिहार के मुंगेर, भागलपुर और बांका जिलों से होकर झारखंड के मिर्जाचौकी तक जाएगी. सड़क चालू होने के बाद पूर्वी बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगी.
दो जगह देना होगा टोल टैक्स
इस सड़क के शुरू होने के बाद वाहन चालकों को दो स्थानों पर टोल टैक्स देना होगा. मुंगेर जिले के कल्याणपुर और भागलपुर जिले के पीरपैंती में आधुनिक टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों जगह फुट ओवरब्रिज भी तैयार किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में यातायात बढ़ने पर दुर्घटनाओं की संभावना कम हो.
पटना पहुंचना होगा आसान
124.41 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क के चालू होने के बाद राजधानी पटना तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा. झारखंड और पश्चिम बंगाल से भागलपुर होते हुए पटना जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. नई सड़क से दूरी और समय दोनों की बचत होगी.
मुंगेर जिले में इस परियोजना का करीब 22.5 किलोमीटर हिस्सा आता है. हेरूदियारा से घोरघट तक अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. कई स्थानों पर फिनिशिंग, मिट्टी भराई और अन्य तकनीकी काम चल रहा है. कुछ जगहों पर तकनीकी कारणों से निर्माण प्रभावित हुआ था, लेकिन अब उन हिस्सों को भी मुख्य सड़क से जोड़ दिया गया है. फिलहाल वहां मिट्टी भराई और लेवलिंग का काम किया जा रहा है. इसके बाद अंतिम परत बिछाकर सड़क को पूरी तरह तैयार किया जाएगा.
बिजली और अन्य बाधाएं भी दूर की गईं
मुंगेर के बरियारपुर क्षेत्र में NH-80 बायपास के पास सड़क किनारे बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं. जहां बिजली के बड़े टावर सड़क निर्माण में बाधा बन रहे थे, वहां उनकी ऊंचाई बढ़ाने और स्थान बदलने का काम भी पूरा कर लिया गया है.
इस सड़क के बन जाने से मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, घोघा, कहलगांव, पीरपैंती और मिर्जाचौकी के बीच संपर्क पहले से बेहतर होगा. व्यापारियों को माल ढुलाई में सुविधा मिलेगी, परिवहन खर्च घटेगा और इलाके में नए उद्योगों के आने की संभावना बढ़ेगी.
जमीन की कीमतों में दिखने लगा असर
फोरलेन परियोजना का असर आसपास के इलाकों के जमीन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. मुंगेर, जमालपुर, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे जमीन की कीमतों में तेजी आई है. स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगहों पर परियोजना की घोषणा के बाद जमीन के दाम दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क बनने के बाद व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे जमीन की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है.
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2022 में शुरू हुआ था निर्माण
NHAI ने वर्ष 2022 में इस ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू किया था. परियोजना को चार हिस्सों में बांटकर काम किया गया है. करीब 5788 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की नियमित निगरानी जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी द्वारा की जा रही है ताकि काम समय पर पूरा हो सके.
फोरलेन हाईवे शुरू होने के बाद वाहनों के लिए गति सीमा भी तय रहेगी. ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन के अनुसार कार और अन्य हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. कमर्शियल यात्री वाहनों के लिए अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. मालवाहक वाहनों और मोटरसाइकिलों के लिए अधिकतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर सुरक्षा को देखते हुए स्पीड लिमिट कम रखी जाएगी. ऐसे इलाकों में छोटे वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है.
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