पटना सिटी से अमिताभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट
Patna News : हजरत इमाम हुसैन और 72 साथियों की शहादत की याद में मुहर्रम के मौके पर शिया समुदाय की ओर से दसवीं तारीख को मातमी जुलूस निकाला गया. कर्बला की घटना का वर्णन सुनकर माहौल गमगीन हो गया. मेरा बच्चा, मेरे मौला का अजादार बने जैसे जज़्बातों के साथ निकले इस जुलूस में श्रद्धालु गम और अकीदत में डूबे नजर आए.
जुलूस नवाब बहादुर रोड से फूल और अलम के साथ शुरू होकर नौजर कटरा इमामबाड़ा तक पहुंचा, जहां मजलिस का आयोजन किया गया. आलमगंज और पठान टोली से भी अलम के साथ मातमी जुलूस निकाला गया, जो कर्नल साहिब के इमामबाड़ा और पत्थर की मस्जिद तक पहुंचा.
जंजीरी मातम और मजलिस की तैयारी
बौली इमामबाड़ा से शुक्रवार शाम को जंजीरी मातम का जुलूस निकाला जाएगा, जो चैलीटाड़ शाह बकार की तकिया कर्बला पहुंचेगा। यहां अंजुमन-ए-हैदरी की ओर से “शाम-ए-गरीबा” मजलिस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मेरठ से आए मौलाना तकरीर करेंगे.
दरगाह कर्बला में ताजियों का पहलाम
मुहर्रम की दसवीं तारीख पर दरगाह कर्बला में सिपहर और ताजियों का पहलाम प्रशासनिक व्यवस्था के बीच शुरू हुआ। खानकाह हजरत दीवान शाह अरजानी में सज्जादानशीन सैयद शाह अंजार हुसैनी की अध्यक्षता में अलम का जुलूस निकाला गया, जिसके बाद पहलाम की प्रक्रिया शुरू हुई.
यह सिलसिला शनिवार तक जारी रहेगा. सुरक्षा व्यवस्था के तहत पत्थर की मस्जिद, तिराहे की मस्जिद और दरगाह कर्बला में अस्थायी थाना बनाए गए हैं, जहां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे.
विभिन्न खानकाहों में जिक्र-ए-कर्बला
मुहर्रम के अवसर पर कई खानकाहों में जिक्र-ए-कर्बला का आयोजन किया गया. इस दौरान कर्बला की मिट्टी की जियारत कराई गई और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया. विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
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