पटना : नाली विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट, बंधक को छुड़ाने पहुंची पुलिस से भिड़े परिजन, हिरासत में छह लोग

पटना जिले के मसौढ़ी में नाली विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई। कहासुनी मारपीट में बदल गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। ग्रामीणों के विरोध के बीच पुलिस ने कार्रवाई की।

Masaurhi Drain Dispute : पटना जिले के मसौढ़ी के कादिरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कादिरगंज (नेतौल) गांव में गुरुवार रात दो पट्टीदारों के बीच नाली विवाद को लेकर विवाद शुरू हुआ. देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई. इसी दौरान एक व्यक्ति को कमरे में बंद कर बंधक बनाए जाने की सूचना पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर रवाना हुई.

मारपीट में पति-पत्नी घायल, अस्पताल भेजे गए

घटना में वृद्ध दुलार यादव के परिवार के सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई. आरोप है कि उनकी विवाहित पुत्री का कान फट गया, जबकि दामाद की नाक पर चोट लगी. दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान एक सदस्य को कमरे में बंद कर दिया गया था.

डायल-112 के बाद थाना पहुंची घायल महिला

बताया गया कि घायल महिला ने पहले डायल-112 पर घटना की सूचना दी. पुलिस के देर से पहुंचने का आरोप लगाते हुए वह स्वयं घायल अवस्था में कादिरगंज थाना पहुंची और शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद थानाध्यक्ष रौशन कुमार सादे लिबास में पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और कमरे में बंद बताए गए व्यक्ति को बाहर निकालने का प्रयास किया.

पुलिस कार्रवाई के दौरान परिजनों ने किया विरोध

मौके पर मौजूद एक युवती और थानाध्यक्ष के बीच बहस हो गई. पुलिस द्वारा युवती को पकड़ने का प्रयास किए जाने पर परिजनों ने महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी को लेकर विरोध जताया. देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए. स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया.

हल्का बल प्रयोग, छह लोगों को लिया हिरासत में

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. इसके बाद आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर थाना ले जाया गया. देर रात तक गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रही ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.

पुलिस पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं

घटना के दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राहगीरों के साथ भी मारपीट की, जिसमें एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के दिव्यांग भाई के घायल होने की बात कही गई. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस ने भी इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है.

थानाध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार

कादिरगंज थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि पुलिस टीम के साथ दो महिला सिपाही भी मौजूद थीं. उनका कहना है कि पुलिस बंधक बनाए गए व्यक्ति को मुक्त कराने गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया. उन्होंने बताया कि घायल महिला के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.

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By Ajay kumar masaurhi

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