Train Murder: दानापुर मंडल रेलखंड पर सोमवार की देर रात नेऊरा और सदिसोपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था. बाद में परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक की ट्रेन से गिरने से मौत नहीं हुई, बल्कि ट्रेन में लूटपाट करने वाले बदमाशों ने मारपीट के बाद उसके हाथ-पैर बांधकर चलती ट्रेन से फेंक दिया. मृतक की पहचान आरा के अनाईठ (धोबी घाट) निवासी अर्जुन कुमार के 20 वर्षीय पुत्र कैलाश कुमार के रूप में की गयी है. घटना में उसका दोस्त रितेश कुमार भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ है.
बक्सर से ट्रेन में सवार हुए थे दोनों युवक
परिजनों के अनुसार, कैलाश कुमार फोटोग्राफी का काम करता था. सोमवार को वह किसी काम से बक्सर गया था. देर रात वह अपने दोस्त रितेश के साथ ट्रेन से घर लौट रहा था. इसी दौरान कैलाश ने फोन कर बताया कि ट्रेन की विकलांग बोगी में उसके साथ मारपीट की जा रही है और मारपीट करने वाले खुद को एसटीएफ का अधिकारी और जवान बता रहे हैं. इसके बाद उसका फोन बंद हो गया. परिजनों का कहना है कि मारपीट करने वालों ने भी फोन से यह बात कही थी कि कैलाश ने उनके ऊपर हाथ उठाया है और उसे इसका सबक सिखाया जायेगा. इसके बाद परिजन घबरा गये और दोनों युवकों की खोजबीन शुरू कर दी.
परिजनों ने बताया, चार बदमाशों ने की मारपीट
परिजनों के अनुसार, दोनों युवकों के लापता होने की शिकायत आरा के नवादा थाना में दर्ज करायी गयी. खोजबीन के दौरान पटना पहुंचने पर कैलाश का दोस्त रितेश जख्मी हालत में मिला. रितेश ने परिजनों को बताया कि बक्सर से ट्रेन खुलने के बाद विकलांग बोगी में पहले से चार लोग मौजूद थे. वे खुद को एसटीएफ अधिकारी बता रहे थे.
रितेश के अनुसार, चारों ने दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की और उनके पास मौजूद रुपये, मोबाइल सहित सामान छीन लिया. कैलाश ने इसका विरोध करते हुए बदमाशों से भिड़ने की कोशिश की. आरोप है कि इसके बाद बदमाशों ने शर्ट से कैलाश के हाथ-पैर बांध दिये और उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया. रितेश के साथ भी मारपीट की गयी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इसके बाद उसे आगे की घटना याद नहीं है.
शव की तलाश में रेल थाना पहुंचे परिजन
बुधवार को कैलाश के पिता अर्जुन कुमार और भाई अमित कुमार उसकी तलाश करते हुए रेल थाना दानापुर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि वहां उन्हें बताया गया कि मंगलवार की अहले सुबह नेऊरा और सदिसोपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव मिला था. पोस्टमार्टम के बाद शव का दाह संस्कार कर दिया गया. परिजनों का कहना है कि उन्होंने आरा, बिहिया, आरा के नवादा थाना, पटना जंक्शन, गांधी मैदान थाना समेत कई जगहों पर दो दिनों तक कैलाश की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला. उनका आरोप है कि यदि शव को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखा जाता, तो वे उसकी पहचान कर पाते और अंतिम दर्शन भी कर लेते.
72 घंटे तक शव सुरक्षित रखने की मांग
परिजनों ने रेल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अज्ञात शव की पहचान के लिए उसे 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाना चाहिए, लेकिन दानापुर रेल थाना द्वारा कथित रूप से 24 घंटे के अंदर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. परिजनों ने कहा कि इससे उन्हें अपने पुत्र का अंतिम दर्शन तक नहीं हो सका. परिजनों ने दानापुर रेल थाना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का लिखित आवेदन दिया है.
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही रेल पुलिस
रेल थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद अनुसंधान किया जा रहा है. मृतक के पिता के बयान पर मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की घटना हुई है, तो अज्ञात बदमाशों की पहचान के लिए आरा और बक्सर स्टेशन के अलावा अन्य स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस ने जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी की बात कही है.
