Pappu Pandey Case: बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले की जांच अब सीआईडी को सौंप दी गई है. सरकार ने इस केस को आगे की जांच के लिए सीआईडी के हवाले करने का फैसला लिया है. इस मामले में कुचायकोट के जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट से मिली फिलहाल राहत
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट को सुझाव दिया है कि वह इस केस से जुड़े प्राथमिकी रद्द करने की याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करे और जल्द प्रभावी निर्णय दे. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद विधायक पक्ष को फिलहाल राहत मिली है.
जमीन विवाद और फायरिंग के आरोप
यह पूरा मामला 1 अप्रैल को दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है. शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार राय ने आरोप लगाया था कि कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद हुआ. शिकायत के अनुसार, जब वह जमीन देखने पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया.
आरोप यह भी है कि मौके पर मौजूद लोगों ने कमरे के ताले तोड़कर कब्जा करने की कोशिश की और विरोध करने पर फायरिंग भी की गई.
कई लोगों की गिरफ्तारी, कुछ फरार
इस मामले में पुलिस ने मौके से भोला पांडेय उर्फ राकेश पांडेय, गुड्डू कुमार, दीपक कुमार और नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया था. जबकि मुख्य आरोपी राहुल तिवारी घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है.
साजिश के आरोप में नेताओं के नाम
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस पूरी घटना के पीछे साजिश रची गई थी, जिसमें विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय का नाम भी शामिल है.
सीआईडी जांच से बढ़ सकती है हलचल
अब केस की जांच सीआईडी को मिलने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. हालांकि अभी तक पुलिस ने केस से जुड़े रिकॉर्ड सीआईडी को हैंडओवर नहीं किए हैं और टीम के आने का इंतजार किया जा रहा है.
