अक्षय तृतीया : सोना खरीदने से पहले जान लें टैक्स के नियम

सोना निवेशकों और खरीदारों के बीच हमेशा से एक लोकप्रिय संपत्ति रहा है. चाहे त्योहार हो, शादी-ब्याह या निवेश का अवसर सोने की चमक कभी फीकी नहीं पड़ी, लेकिन आज के समय में सोना खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है, खासकर टैक्स से जुड़े नियम और कैरेट का चयन करते समय.

नयी पीढ़ी 18 और 14 कैरेट गहनों को दे रही है तरजीह

सुबोध कुमार नंदन, पटना.

सोना निवेशकों और खरीदारों के बीच हमेशा से एक लोकप्रिय संपत्ति रहा है. चाहे त्योहार हो, शादी-ब्याह या निवेश का अवसर सोने की चमक कभी फीकी नहीं पड़ी, लेकिन आज के समय में सोना खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है, खासकर टैक्स से जुड़े नियम और कैरेट का चयन करते समय.

सोना पर देना होता है टैक्स : भारत में सोना खरीदने पर कई तरह के टैक्स लागू होते हैं. सबसे पहले, किसी भी सोने की खरीद पर 3 फीसदी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) देना अनिवार्य है. इसके अलावा, अगर गहनों को बनवाते समय मेकिंग चार्ज लिया जाता है, तो उस पर भी 5 फीसदी तक जीएसटी लगाया जा सकता है.

एफपीकेसी प्राइम के राजीव लोचन पंकज ने बताया कि अगर आप लंबे समय तक निवेश के नजरिए से सोना रखते हैं और बाद में उसे बेचते हैं, तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स भी देना पड़ सकता है अगर बिक्री दो साल के भीतर होती है, तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है, जो आपकी आयकर स्लैब के अनुसार तय होता है. वहीं, दो साल बाद बेचने पर 20 फीसदी का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (इंडेक्सेशन बेनिफिट के साथ) लागू होता है.

सोना खरीदते समय किन बातों का रखें ख्याल : सोने के गहने पर एक हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआइडी) नंबर होता है.यह छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जो सोने की की प्रामाणिकता की पुष्टि करता है. किसी भी ज्वेलर्स के यहां से सोने की खरीदारी पर आप इस नंबर को बीआइएस केयर ऐप के माध्यम से जांच कर वस्तु की शुद्धता, पंजीकरण और हॉलमार्किंग केंद्र का नाम देख सकते हैं. अगर कोई ज्वेलर्स बिना हॉलमार्क के गहने बेच रहे हैं तो उसे बिल्कुल नहीं खरीदें. हॉलमार्क प्रमाणित सोना शुद्धता की गारंटी देता है.बिना हॉलमार्क के सोना खरीदना जोखिम भरा हो सकता है.

बिल जरूर लें: खरीदारी करते समय पूरी जानकारी वाला बिल लें. इससे भविष्य में सोना बेचने या टैक्स से जुड़े मामलों में आसानी होगी.

वजन और मेकिंग चार्ज जांचें: गहनों में वजन और मेकिंग चार्ज अलग-अलग बताये जाते हैं.तुलना कर लें कि आपको बाजार दर के हिसाब से उचित मूल्य मिल रहा है या नहीं.

नयी पीढ़ी बदल रही है रुझान : परंपरागत रूप से भारत में 22 कैरेट सोने के गहने सबसे अधिक पसंद किए जाते रहे हैं, जो लगभग 91.6 फीसदी शुद्धता वाले होते हैं। लेकिन अब बदलती जीवनशैली और फैशन के चलते नयी पीढ़ी 18 और 14 कैरेट सोने के गहनों को ज्यादा पसंद कर रही है. 18 कैरेट सोना लगभग 75 फीसदी शुद्ध होता है और 14 कैरेट सोना लगभग 58.5 फीसदी शुद्धता वाला होता है. कम कैरेट वाले गहने मजबूत होते हैं और इन पर डिजाइनिंग के ज्यादा विकल्प उपलब्ध होते हैं. कम कैरेट सोने से बने गहनों को ब्रांडेड कंपनियां भी लोगों को एक से बढ़कर एक डिजाइन के गहने उपलब्ध करा रही है.

कैरेट को समझें

24K – 99.9% शुद्ध

22K – 91.6% शुद्ध

(शुद्धता के अनुसार तय होती है कीमत)

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: MANISH LIFE

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >