Khan Sir: बिहार के मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. यह मामला पटना के कदमकुआं इलाके में स्थित एक कोचिंग संस्थान में 2 जून को हुई गोलीबारी की घटना से जुड़ा है. इस मामले में पुलिस ने खान सर के साथ-साथ उनके दो सुरक्षा गार्ड्स और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. मामले में नया मोड़ तब आया जब गिरफ्तार दोनों गार्ड्स ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही अपनी .315 बोर राइफलों से गोलियां चलाई थीं. पुलिस फिलहाल इन आरोपों की जांच कर रही है.
कानून के तहत होगी उचित कार्रवाई
खान सर पर लगे आरोपों और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्थिति साफ की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर काम कर रहा है. खान सर के खिलाफ जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, वे स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं. बीजेपी नेताओं का भी कहना है कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और नियमों के मुताबिक ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
विपक्ष का आरोप- खान सर के खिलाफ रची गई बड़ी साजिश
इस विवाद पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. सीपीआई-एम के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने आरोप लगाया कि खान सर को एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. उन्होंने इस बहाने देशभर के कोचिंग उद्योग पर भी निशाना साधा. मोल्लाह ने कहा कि देश के ज्यादातर कोचिंग सेंटर आज शोषण के अड्डे बन चुके हैं, जहां छात्रों से मोटी फीस वसूली जाती है और माता-पिता को कर्ज में डूबना पड़ता है.
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खान सर के किफायती मॉडल की तारीफ
हन्नान मोल्लाह ने खान सर के कोचिंग मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि वे अन्य व्यावसायिक संस्थानों से बिल्कुल अलग हैं. जहां बाकी कोचिंग सेंटर्स लाखों रुपये वसूलते हैं, वहीं खान सर उनकी तुलना में महज दसवां हिस्सा फीस लेकर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाते हैं. वे शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास कर रहे हैं.
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