3975 करोड़ की लागत से खगड़िया-पूर्णिया सड़क अब बनेगी 4 लेन, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

Bihar New Four-Lane: केंद्र सरकार ने खगड़िया-पूर्णिया सड़क को 4 लेन बनाने की मंजूरी देकर सीमांचल को बड़ी सौगात दी है. 143 किमी लंबी इस सड़क पर लगभग ₹3975 करोड़ खर्च होंगे. इस रोड के बिहार के किन जिलों को फायदा होगा, आइये जानते हैं.

Bihar New Four-Lane: केंद्र सरकार ने बिहार को एक बड़ी खुशखबरी दी है. खगड़िया से पूर्णिया तक जाने वाली सड़क को अब 4 लेन में बदलने की मंजूरी मिल गई है. यह सड़क सीमांचल की लाइफलाइन मानी जाती है और इसके चौड़ी होने से लाखों लोगों को राहत मिलेगी.

4 लेन सड़क बनने से क्या फायदा होगा

यह सड़क लगभग 143 किलोमीटर लंबी है. इसे 4 लेन बनाने में ₹3975 करोड़ खर्च होंगे. फिलहाल यह सड़क संकरी है, जिस पर भारी ट्रैफिक रहता है. आए दिन जाम लग जाता है और लोगों को सफर में काफी समय बर्बाद करना पड़ता है. नई 4 लेन सड़क बनने के बाद सफर तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा.

किसानों और व्यपारियों के लिए खुशखबरी

इस सड़क के चौड़ी होने से सीमांचल के कई जिलों जैसे खगड़िया, सहरसा, सुपौल, किशनगंज और पूर्णिया को सीधा फायदा मिलेगा. व्यापार, खेती-किसानी और रोजगार से जुड़े कामों में तेजी आएगी. खासकर दूध, मछली और अन्य सामान अब आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंच पाएंगे. इससे स्थानीय लोगों को फायदा होगा.

सम्राट चौधरी का x पर पोस्ट

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विकास की रफ्तार बढ़ेगी- सम्राट चौधरी

सम्राट चौधरी ने इस परियोजना को राज्य के विकास के लिए बहुत जरूरी बताया है. X पर पोस्ट में उन्होंने बताया कि यह सड़क सीमांचल के विकास में नई रफ्तार लाएगी. केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सड़क का काम जल्द शुरू होगा.

खगड़िया–पूर्णिया 4 लेन सड़क परियोजना से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र में विकास और व्यापार के नए रास्ते भी खुलेंगे. यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में बिहार के विकास में बहुत अहम भूमिका निभाएगा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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