Patna News : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना के नवाचार केंद्र में युवा नवाचार विज्ञान प्रयोगशाला की कार्यशाला आयोजित की गयी. इसमें बिहार के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 160 छात्रों ने हिस्सा लिया. कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को संवर्धित वास्तविकता (एआर) और आभासी वास्तविकता (वीआर) जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था.
भारत-अमेरिका सहयोग से आयोजित हुई कार्यशाला
कार्यक्रम का आयोजन भारत-अमेरिका विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंच, अमेरिकी दूतावास और स्टीम वार्सिटी के सहयोग से किया गया. कार्यशाला का उद्घाटन आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह ने भारत-अमेरिका विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंच की कार्यकारी निदेशक व मुख्य विज्ञान अधिकारी डॉ. चैताली भट्टाचार्य तथा नवाचार केंद्र के प्रभारी एवं सचिव डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी की मौजूदगी में किया.
छात्रों ने वीआर उपकरणों पर किया प्रयोग
कार्यशाला में एनएसआईटी, गया अभियंत्रण महाविद्यालय, पटना वीमेंस कॉलेज समेत कई शिक्षण संस्थानों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. छात्रों को आभासी वास्तविकता के उपकरणों के साथ काम करने का अवसर दिया गया. इसके अलावा आधुनिक सॉफ्टवेयर के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया.
नवाचार और तकनीकी कौशल को मिलेगा बढ़ावा
वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से छात्रों में नवाचार, रचनात्मक सोच और तकनीकी कौशल विकसित होंगे. आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी. उन्होंने बताया कि यह पहल देशभर में करीब छह हजार छात्रों को संवर्धित और आभासी वास्तविकता का प्रशिक्षण देने के व्यापक अभियान का हिस्सा है.
