Ghibli: लोगों को क्रेजी बना रहा जापान का मशहूर स्टूडियो ‘घिबली’ का एनीमेशन आर्ट, इन तस्वीरों के कायल हो रहे हर उम्र के लोग

Ghibli: दुनियाभर में इन दिनों ‘घिबली’ ने सोशल मीडिया की दुनिया में तहलका मचा रखा है. बच्चे, युवा और बुजुर्ग-हर उम्र के लोग इस एआइ जादू के दीवाने बन गये हैं. इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर पर ऐसे पोस्ट्स को न सिर्फ लाइक्स और कमेंट्स मिल रहे हैं, बल्कि यह ट्रेंड तेजी से वायरल भी हो रहा है. मगर इस क्रिएटिव और मजेदार ट्रेंड के पीछे एक गंभीर सवाल भी खड़ा होता है कि क्या हम अनजाने में अपनी निजता से समझौता तो नहीं कर रहे ? शहर के साइबर एक्सपर्ट का मानना है- इन एआइ टूल्स के जरिए, जो डेटा हम साझा कर रहे हैं, उसकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है.

Ghibli: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नया एआई ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है- ‘घिबली इमेज’. लोग अपनी तस्वीरें मशहूर जापानी स्टूडियो ‘घिबली’ की एनीमेशन स्टाइल में कन्वर्ट कर रहे हैं. यह ट्रेंड हर वर्ग के लोगों को लुभा रहा है. चाहे वे नेता हो या, फिर अभिनेता, या फिर आम यूजर्स. चैट जीपीटी के नये टूल की मदद से अब कोई भी अपनी तस्वीर को स्टूडियो ‘घिबली’ स्टाइल में बदल सकता है. ये इमेज क्यूट और कलात्मक लगती हैं, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो एनीमे के फैन हैं. इस ट्रेंड की जड़ें हयाओ मियाजाकी द्वारा स्थापित जापान के प्रतिष्ठित स्टूडियो ‘घिबली’ से जुड़ी हैं. मियाजाकी एक जाने-माने एनिमेटर और फिल्म निर्माता हैं, जिनकी कला ने दुनियाभर के दर्शकों को प्रभावित किया है.

क्या है घिबली आर्ट

घिबली आर्ट जापान के मशहूर स्टूडियो घिबली का एनीमेशन आर्ट है. इस स्टूडियो को 1985 में एनिमेटर हयाओ मियाजाकी ने शुरू किया था. उन्होंने ही घिबली आर्ट को बनाया. इसकी खास बात यह कि उन्होंने हर इमेज को अपने हाथों से बनाया. 80 के दशक में यह आर्ट जापान में मशहूर हुई और धीरे-धीरे दुनियाभर के लोग इसके कायल हो गये. यह आर्ट जापानी एनिमेशन मूवी का भी हिस्सा रही. लेकिन सोशल मीडिया ने इस आर्ट को दोबारा जिंदा कर दिया और यह ट्रेंड करने लगी है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अब यह दुनियाभर में वायरल हो चुका है. इसे दोबारा ट्रेंड में लाने का श्रेय ओपन एआइ कंपनी के चैट जीपीटी को जाता है जिसने घिबली स्टाइल आर्ट का फीचर लॉन्च किया.

हटकर है इसकी इमेज

घिबली आर्ट की खास बात यह है कि यह असली और फेंटेसी वर्ल्ड का अनोखा कॉम्बिनेशन है. इसमें हर चीज को बहुत बारीकी से दिखाया जाता है. इस स्टाइल की इमेज को देखकर ऐसा लगता है कि हकीकत की दुनिया को सपने में देख रहे हैं. घिबली आर्ट में एक्सप्रेशन से भर बड़ी आंखें होती हैं. इस इमेज में वॉर्म और पेस्टल टोन जैसे सॉफ्ट कलर पैलेट्स इस्तेमाल होते हैं. इसमें फेंटेसी एलिमेंट्स की भी भरमार होती है.

निजता के लिए बन सकता है खतरा : पूजा कुमारी

साइबर विशेषज्ञ पूजा कुमारी (एसआई) इस ट्रेंड को लेकर कहती हैं, एआई टूल्स को अपनी फेस फोटो देना एक बड़ा रिस्क हो सकता है. घिबली इमेज भले ही मासूम लगें, लेकिन इसके जरिए हम अपना ताजा फेस डेटा ओपन एआई टूल को दे रहे हैं. यह डेटा कहां स्टोर हो रहा है, इसका कोई नियंत्रण नहीं है. भविष्य में इस डेटा का गलत इस्तेमाल हो सकता है. वे कहती हैं, वेब से स्क्रैप किया गया डाटा किसी हद तक नियमों के तहत सुरक्षित होता है, लेकिन जब आप खुद अपनी तस्वीर अपलोड करते हैं, तो आपकी निजता का खतरा और अधिक बढ़ जाता है.

फिशिंग का नया जरिया बन सकता है ये ट्रेंड

पूजा कुमारी कहती हैं, अनजाने में ओपनएआइ को आप अपना फ्रेश फेशियल डेटा सौंप रहे हैं, जिससे प्राइवेसी से जुड़ी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं. फैशियल डेटा की चोरी आज साइबर अपराधियों के लिए एक नया टूल बन गया है. मेरा मानना है कि इस तरह के ट्रेंड भविष्य में डीपफेक, फिशिंग अटैक और साइबर ठगी में इस्तेमाल हो सकते हैं. क्योंकि हम खुद ही अपनी इमेज को उस सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं. अब कई लोग चैट जीपीटी का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही ग्रोक और अन्य ऐप्स पर भी इमेज बनायी जा सकती है. अनजाने में हम कई इमेज उस सर्विस प्रोवाइडर को दे रहे हैं. वे इसका बाद में क्या उपयोग करेंगे, इसकी हमें कोई गारंटी नहीं है. क्योंकि एआइ की अपनी कोई बुद्धि नहीं होती, ये वही करता है, जो हम उसे सिखाते हैं. लेकिन जो फोटो आपने मजे में दी है, वह कल को आपके नाम से कुछ भी कर सकती है और करा सकती है.

सावधान रहें! ये कदम उठाएं

  • किसी भी एआइ टूल पर फेस अपलोड करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी जरूर पढ़ें.
  • जहां तक हो सके, अननोन प्लेटफॉर्म पर अपनी तस्वीरें अपलोड न करें.
  • फेशियल रिकग्निशन से जुड़ी अनुमति और सेटिंग्स पर नियंत्रण रखें.
  • किसी भी ऐप या वेबसाइट को फेस डेटा देने से पहले सोच-समझकर निर्णय लें.

इसके हो सकते हैं शिकार

  • तस्वीर का दुरुपयोग या मिसयूज किया जा सकता है.
  • बिना आपकी सहमति के एआइ ट्रेनिंग के लिए फोटो का इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • डेटा ब्रोकर टारगेटेड एड के लिए फोटोज को बेच सकते हैं.

इन्होंने एनीमेशन आर्ट से बनायी तस्वीर

  1. अभी हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गिबली ट्रेंड कर रहा है. इसमें आपको काफी क्यूट कार्टून में दिखाया जा रहा है. मैंने अपने परिवार के साथ एक तस्वीर पोस्ट की है. इसके कैरेक्टर देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं. -रंजन मिस्त्री, गोला रोड
  2. मुझे एनीमे बहुत पसंद है. इस ट्रेंड में शामिल होकर मैंने अपने खास पलों को घिबली स्टाइल में बदलकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, और इसे लाखों व्यूज मिले. -सचिन कुमार, पाटलिपुत्र कॉलोनी
  3. मुझे यह ट्रेंड काफी क्रिएटिव लगा, लेकिन अब जब पता चला कि इसमें डेटा रिस्क है तो थोड़ा सतर्क हो गई हूं। – चांदनी शर्मा, मैनपुरा

सेलिब्रिटी ने भी क्रिएट किया है फोटो

घिबली वर्जन में सेलेब्स की वेडिंग तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. इनमें कियारा और सिद्धार्थ, रणबीर और आलिया, विराट और अनुष्का, सोनाक्षी और जहीर, दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह जैसे बॉलीवुड सेलिब्रिटी की वेडिंग तस्वीरें शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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