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Thursday, February 29, 2024

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गंगाजल आपूर्ति योजना के पूरे हुए एक साल, अनूठी परिकल्पना की सफलता पर मंत्री संजय झा ने कही ये बात

संजय झा ने कहा कि गंगा नदी की बाढ़ के पानी को पेयजल के रूप में उपयोग करने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनूठी परिकल्पना के अनुरूप 'गंगाजल आपूर्ति योजना' का क्रियान्वयन बिहार में पहली बार किया गया. इस परियोजना के एक साल पूरे होने के मौके पर विभाग बेहद खुश है और ये शानदार सफलता है.

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्टों में से एक गंगाजल आपूर्ति योजना के एक साल पूरे हो गये हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 27 नवंबर, 2022 को राजगीर में, जबकि 28 नवंबर 2022 को गया में इस अनूठी परिकल्पना के साकार रूप का उद्घाटन किया था. योजना के तहत राजगीर, गया और बोधगया के शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन गंगाजल की आपूर्ति घर घर में हो रही है. इस योजना के एक साल पूरे होने पर जल संसाधन मंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए इस उपलब्धि को शानदार बताया है. संजय झा ने कहा है कि इस मुख्यमंत्री की अनूठी परिकल्पना थी, जिसे जल संसाधन विभाग ने सही तरीके से सही समय पर जमीन पर उतारा.

जल प्रबंधन की दिशा में दिखाई नई राह

संजय झा ने कहा कि गंगा नदी की बाढ़ के पानी को पेयजल के रूप में उपयोग करने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनूठी परिकल्पना के अनुरूप ‘गंगाजल आपूर्ति योजना’ का क्रियान्वयन बिहार में पहली बार किया गया. इस वर्ष राजगीर मलमास मेला में पहुंचे करीब दो करोड़ और गयाजी धाम में पितृपक्ष मेला महासंगम में आये 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को भी गंगाजल उपलब्ध कराया गया. मुख्यमंत्री की अनूठी परिकल्पना को धरातल पर उतार कर जल संसाधन विभाग, बिहार ने देश को जल प्रबंधन की दिशा में नई राह दिखाई है. इस अनूठी योजना को केंद्र सरकार द्वारा स्थापित संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरिगेशन एंड पावर (सीबीआईपी) द्वारा ‘जल संसाधन के सर्वोत्तम कार्यान्वयन’ की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है. इस तरह, तमाम आशंकाओं को पीछे छोड़ते हुए, गंगा जल आपूर्ति योजना का पिछले एक का सफर शानदार रहा है.

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प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति उपलब्ध कराया जा रहा है 135 लीटर गंगाजल

संजय झा ने कहा कि जल संसाधन विभाग की इस योजना के तहत गंगा नदी की बाढ़ का जो पानी हर साल यूं ही व्यर्थ चला जाता था, उसे मॉनसून अवधि में लिफ्ट कर कुल 151 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिये दक्षिण बिहार के जल संकट वाले प्रमुख शहरों- गया, बोधगया और राजगीर में पहुंचाया गया. इस पाइपलाइन को रास्ते में कई नदियों, रेलवे लाइनों, सड़कों, पुलों आदि से होकर गुजरना पड़ा. योजना के तहत गया और राजगीर में विशाल जलाशय के साथ-साथ जलशोधन संयंत्र का निर्माण किया गया है, जिनके जरिये गंगाजल को शोधित कर राजगीर, गया एवं बोधगया शहरों में नल के जरिये प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति 135 लीटर गंगाजल उपलब्ध कराया जा रहा है.

श्रद्धालुओं को भी उपलब्ध कराया गया गंगाजल

उन्होंने कहा कि राजगीर में 8031, बोधगया में 6000 तथा गया में 75000 घरों में शुद्ध पेयजल के रूप में गंगाजल की आपूर्ति की जा रही है. साथ ही, इस वर्ष राजगीर में 18 जुलाई से 16 अगस्त तक चले ‘राजगीर मलमास मेला 2023’ में पहुंचे करीब दो करोड़ श्रद्धालुओं को नल से गंगाजल उपलब्ध कराया गया. फिर गयाजी धाम में 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक चले ‘पितृपक्ष मेला महासंगम 2023’ के दौरान देश-विदेश से आये 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को भी गंगाजल उपलब्ध कराया गया. मंत्री ने कहा कि विभाग राज्य की अन्य जल परियोजनाओं पर भी तेजी से काम कर रहा है. विभाग की अधिकतर परियोजनाएं समय से या समय से पहले पूर्ण होती दिख रही है.

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