पटना में सफाई कर्मियों के हड़ताल का चौथा दिन, रातभर अभियान चलाकर निगम ने उठाया 235 टन कचरा

पटना में सफाई कर्मियों की हड़ताल का चौथा दिन है, जिससे शहर में कचरे का अंबार लग गया है। नगर निगम ने रातभर विशेष अभियान चलाकर 235 टन कचरा उठाया है। आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है।

Municipal Workers Strike : राजधानी पटना में निकाय कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज चौथा दिन है और इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ नजर आ रहा है. सड़कों पर कचरे का अंबार लगने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. इसी बीच हालात को संभालने के लिए पटना नगर निगम ने लगातार तीसरी रात विशेष सफाई अभियान चलाया. इस अभियान के तहत शहर के अलग-अलग अंचलों से कुल 235 टन कचरा उठाया गया, जिससे कुछ हद तक राहत मिली है.

देर रात खुद सड़कों पर उतरे नगर आयुक्त

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त यशपाल मीणा खुद देर रात सड़कों पर उतरे और कई प्रमुख इलाकों का जायजा लिया. उन्होंने पटना जंक्शन, गोलघर, अशोक राजपथ, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मोइन-उल-हक स्टेडियम जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कचरा उठाव में तेजी लाई जाए और मशीनों का सही तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाए.

कर्मियों का बढ़ाया हौसला, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

हड़ताल के बीच काम कर रहे कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए नगर आयुक्त ने उनसे बातचीत की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ड्यूटी पर लगे सभी कर्मियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है. साथ ही उन्होंने अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अन्य कर्मचारियों को भी काम पर लौटने के लिए प्रेरित करें.

Patna News : किस अंचल में कितना उठा कचरा

इस विशेष अभियान में नूतन राजधानी अंचल सबसे आगे रहा, जहां से 74 टन कचरा उठाया गया. इसके अलावा पाटलिपुत्र अंचल से 65 टन, कंकड़बाग से 30 टन, बांकीपुर से 28 टन, अजीमाबाद से 24 टन और पटना सिटी अंचल से 14 टन कचरे का उठाव किया गया. इस दौरान जेसीबी, हाइवा, पोकलेन और ई-कार्ट जैसी कई मशीनों और वाहनों की मदद ली गई.

आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर कड़ा एक्शन

नगर निगम ने सफाई व्यवस्था बाधित होने पर आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है. पर्याप्त कर्मी और चालक उपलब्ध न कराने को अनुबंध का उल्लंघन मानते हुए 22.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसमें मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज, वर्चुअस इंडिया और M4 सॉल्यूशंस जैसी एजेंसियां शामिल हैं. निगम ने सभी से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुबंध रद्द कर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा.

सफाई बहाल करने के लिए खास इंतजाम

सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए निगम ने कई अहम कदम उठाए हैं. हर वार्ड को 10 हजार रुपये का आपातकालीन फंड दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके. साथ ही प्रत्येक वार्ड में कम से कम 20 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं.

जरूरत पड़ने पर जेसीबी, हाइवा, ट्रैक्टर और डंपर जैसे वाहन किराए पर लिए जा रहे हैं. वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर हर अंचल में तीनों पालियों में 100-100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.

मौर्य लोक में निषेधाज्ञा लागू

स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मौर्य लोक परिसर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. यहां किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है. प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग को निर्धारित स्थान बनाया गया है.

सफाई कर्मियों की हड़ताल ने नगर निगम की चुनौतियां बढ़ा दी हैं. हालांकि प्रशासन हालात संभालने की कोशिश में जुटा है, लेकिन जब तक हड़ताल खत्म नहीं होती, तब तक पूरी तरह व्यवस्था बहाल होना मुश्किल नजर आ रहा है. फिलहाल नगर निगम और प्रशासन दोनों मिलकर शहर को साफ रखने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं.


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लेखक के बारे में

By हिमांशु देव

सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.
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