युवाओं का मतदाता बनना अब हुआ आसान, साल में चार बार मिलेगा मतदाता सूची में पंजीकरण का अवसर

डीएम ने कहा है कि साल में एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई व एक अक्तूबर की तारीखों को जो भी नागरिक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करेंगे वो अपना नाम अगले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में मतदाता सूची में दर्ज कराएं.

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 5, 2022 4:57 AM

मतदाता सूची में अब बेहद आसानी से नये मतदाता अपना नाम जुड़वा सकते हैं. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नये दिशा निर्देश के बाद बतौर मतदाता पंजीकरण कराने के लिए वर्ष में चार मौके मिलेंगे. प्रत्येक वर्ष एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्तूबर अर्हता तिथि के तौर पर मान्य होंगे. जिस तिमाही में नये मतदाता की आयु 18 वर्ष पूरी हो जायेगी, उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो जायेगा.

अग्रिम आवेदन की भी सुविधा

17+ वर्ष के युवाओं के लिए अग्रिम आवेदन की भी सुविधा अब शुरू हो गयी है. उन्हें सिर्फ एक जनवरी की अर्हता तिथि की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं रह गयी है. अब से निर्वाचक नामावली प्रत्येक तिमाही में अद्यतन की जायेगी और पात्र युवाओं को उस वर्ष की अगली तिमाही में पंजीकृत किया जा सकता है, जिसमें उन्होंने 18 वर्ष की पात्रता आयु पूरी कर ली हो. पंजीकरण करवाने के बाद उन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (एपिक) जारी किया जायेगा.

डीएम ने बैठक में दी जानकारी

यह जानकारी गुरुवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक बैठक में दी गयी. बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, कटवाने, संशोधन व पंजीकृत निर्वाचकों की पहचान और प्रमाणीकरण के लिए आधार से जोड़ने आदि की जानकारी दी गयी. इसमें कहा गया कि मतदाता सूची से आधार को जोड़ने का काम पूरी तरह से स्वैच्छिक आधार पर होगा. डीएम ने कहा है कि साल में एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई व एक अक्तूबर की तारीखों को जो भी नागरिक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करेंगे वो अपना नाम अगले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में मतदाता सूची में दर्ज कराएं. उन्होंने कहा कि इसके लिए ऑनलाइन फार्म भी भरा जा सकता है अथवा बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) या वोटर सर्विस सेंटर से सहायता ली जा सकती है.

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आधार विवरण सार्वजनिक नहीं किया जायेगा

डीएम ने कहा कि आधार संग्रहण का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक सूची में पंजीकृत निर्वाचकों की पहचान को सुनिश्चित व प्रमाणीकरण करना है. इसमें वैसे निर्वाचकों को भी चिह्नित किया जायेगा, जिनका नाम एक ही विधानसभा क्षेत्र में दो बार पंजीकृत हो या एक से अधिक विधान सभा में पंजीकृत हो. उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आधार विवरण को सार्वजनिक नहीं किया जायेगा. यदि निर्वाचकों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी अपेक्षित हो, तो आधार विवरण को अनिवार्यतः हटा या ढक दिया जायेगा. इस बैठक में विभिन्न राजनैतिक दलों के जिला अध्यक्ष, सचिव एवं अन्य पदाधिकारी, समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे.

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