IAS अधिकारी संजीव हंस के खिलाफ एक और FIR, 1 करोड़ घूस लेने का आरोप

IAS Sanjeev Hans: आईएएस अधिकारी संजीव हंस के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कर लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, एक बिल्डर को लाभ पहुंचाने के लिए संजीव हंस पर एक करोड़ की घूस लेने का केस दर्ज किया गया है. संजीव हंस उस समय केंद्रीय उपभोक्ता मामलों खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के निजी सचिव Private Secretary के पद पर तैनात थे.

IAS Sanjeev Hans: बिहार कैडर के IAS अधिकारी संजीव हंस के खिलाफ सीबीआई ने एक और मामला दर्ज किया है. उपभोक्ता मामलों के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव रहे संजीव हंस पर अब एक करोड़ रुपए घूस लेने का आरोप लगा है. सीबीआई की दिल्ली ब्रांच ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

संजीव हंस समेत 8 लोगों पर मामला दर्ज

जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने आईएएस अधिकारी संजीव हंस समेत 8 लोगों के खिलाफ एक करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में नियमित मामला दर्ज किया है. अन्य लोगों में विपुल बंसल, अनुभव अग्रवाल, पुष्पराज बजाज, शादाब खान, देवेंद्र सिंह आनंद, मुकुल बंसल और मैसर्स ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स के एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

क्या है आरोप?

आरोप है कि राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (एनसीडीआरसी) में एक बिल्डर के पक्ष में फैसला कराने के लिए यह घूस ली गई थी. सीबीआई को मिली जानकारी के अनुसार, संजीव हंस ने आरएनए कॉरपोरेशन से जुड़े विपुल बंसल और अन्य के साथ मिलकर ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स के प्रमोटरों से अनुकूल आदेश दिलाने के लिए रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया.

बताया गया है कि विपुल बंसल ने संजीव हंस की मुलाकात आरएनए समूह के प्रमोटर अनुभव अग्रवाल से कराई थी, जहां एक करोड़ रुपए घूस देने पर सहमति बनी. जांच में सामने आया है कि इसके बाद संजीव हंस ने आयोग में बिल्डर के पक्ष में सुनवाई की तारीखें तय कराने और एक प्रमोटर की गिरफ्तारी टालने में मदद की. इसके एवज में पूरी रकम किस्तों में दी गई.

इन लोगों की भी थी अहम भूमिका

मामले में शादाब खान और पुष्पराज बजाज की भूमिका भी अहम बताई जा रही है, जो कथित तौर पर रकम के लेनदेन और हवाला के जरिए रकम ट्रांसफर करने में शामिल थे. सीबीआई के अनुसार, 8 अगस्त 2019 को 16 लाख रुपए बैंक के जरिए एक खाते से दूसरे खाते में भेजे गए, जबकि 25 लाख रुपए नकद हवाला के माध्यम से दिए गए. बाकी के 60 लाख रुपए भी हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाये जाने की बात सामने आई है.

मामले में जांच एजेंसी ने क्या बताया?

जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी आपस में कोड वर्ड का इस्तेमाल कर लेनदेन और संपर्क की जानकारी साझा करते थे. इस पूरे मामले में आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार निवारण कानून और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है.

Also Read: बिहार में अगले 48 घंटे मौसम रहेगा सुहाना, दो दिन बाद बारिश और 40-50 KMPH की रफ्तार से हवा चलने का अलर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >